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Budget 2026 news: बजट 2026 में आम आदमी को राहत?जानें क्या हुआ सस्ता क्या महंगा
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Uttarakhand centre budget 2026 news: 1 feb which is cheap expensive full list: केंद्रीय बजट 2026–27: दवाओं से लेकर शिक्षा-यात्रा तक राहत, शराब-तंबाकू पर बढ़ा बोझ
Uttarakhand centre budget 2026 news: 1 feb which is cheap expensive full list: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट पेश करते हुए आम आदमी से लेकर उद्योग जगत तक को साधने की कोशिश की। बजट में जहां इलाज, शिक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और घरेलू उत्पादन को राहत दी गई है, वहीं शराब, तंबाकू और कुछ आयातित वस्तुओं पर अतिरिक्त बोझ भी डाला गया है। कुल मिलाकर यह बजट राहत और सख्ती—दोनों का संतुलित मिश्रण नजर आता है। आइए डालते हैं एक नजर बजट आम जनमानस पर क्या प्रभाव डालेगा। क्या होगा सस्ता और कहा बढ़ेगा जेब का बोझ
इलाज और रोजमर्रा की जरूरतें होंगी सस्ती
बजट की सबसे बड़ी राहत स्वास्थ्य क्षेत्र को मिली है। कैंसर की 17 अहम दवाओं पर कस्टम ड्यूटी घटाने का ऐलान किया गया है, जिससे इलाज का खर्च कम होने की उम्मीद है। डायबिटीज और अन्य गंभीर बीमारियों की दवाएं भी सस्ती होंगी। इसके अलावा मोबाइल फोन, इलेक्ट्रिक व्हीकल बैटरी, माइक्रोवेव ओवन, सोलर पैनल और चमड़े के उत्पादों की कीमतों में भी गिरावट आने की संभावना है। मखाना और भुने हुए मेवों पर ड्यूटी 150% से घटाकर 30% की गई इसके साथ बादाम और अखरोट पर ड्यूटी में भी कमी। खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्पोर्ट्स का सामान सस्ता करने का भी प्रावधान किया गया है।
विदेशी शिक्षा और यात्रा पर टैक्स राहत
सरकार ने विदेश यात्रा और पढ़ाई पर लगने वाले टैक्स में भी बड़ी राहत दी है। विदेशी टूर पैकेज पर टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) की दर को 5–20 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं, लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत विदेश में शिक्षा और चिकित्सा पर खर्च के लिए टैक्स कटौती कम की गई है। इससे मध्यम वर्ग को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
ऊर्जा, निर्यात और उद्योग को बढ़ावा
ग्रीन एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग पर सरकार का जोर साफ दिखा। एनर्जी ट्रांजिशन इक्विपमेंट, सोलर ग्लास के कच्चे माल, अहम मिनरल्स के लिए कैपिटल गुड्स और न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट से जुड़े आयात पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है। सिविल एयरक्राफ्ट निर्माण से जुड़े पार्ट्स, मछुआरों द्वारा पकड़ी गई मछली और बीज-बीजाणुओं पर भी ड्यूटी कम की गई है। टेक्सटाइल और लेदर सेक्टर के निर्यातकों को समय-सीमा बढ़ाकर राहत दी गई है, जिससे उत्पादन लागत घटने की उम्मीद है।
क्या होगा महंगा?
शराब, खनिज और स्क्रैप की बिक्री पर टीसीएस 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। चबाने वाले तंबाकू, जर्दा और गुटखा पर एनसीसीडी बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दी गई है। फ्यूचर ट्रेडिंग और स्टॉक ऑप्शन पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स में इजाफा किया गया है। कुछ आयातित औद्योगिक सामान, खास मशीनरी, रेफ्रिजरेटर कंटेनर और कुछ फलों पर शुल्क बढ़ने से कीमतें बढ़ सकती हैं।
कड़ी टैक्स व्यवस्था और अनुपालन पर जोर
सरकार ने टैक्स चोरी और गलत रिपोर्टिंग पर सख्ती बढ़ाई है। आयकर की गलत जानकारी देने पर अब टैक्स के बराबर पेनल्टी का प्रावधान किया गया है। चल संपत्ति का खुलासा न करने पर भी जुर्माना लगेगा। हालांकि, कुछ अस्पष्ट आय से जुड़े मामलों में दंड की दर 60 प्रतिशत से घटाकर 30 प्रतिशत की गई है।
बड़ा निवेश, लंबी सोच
बजट में पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। हाई-स्पीड रेल, एमएसएमई, सेमीकंडक्टर, बायोफार्मा और मेडिकल टूरिज्म जैसे क्षेत्रों में निवेश की दिशा तय की गई है। किसानों के लिए बहुभाषी एआई टूल और छोटे करदाताओं के लिए ऑटोमेटेड टैक्स प्रक्रियाएं लागू करने की घोषणा भी भविष्य की तैयारी का संकेत देती है।
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