UTTARAKHAND ROAD ACCIDENT देहरादून
Uttarakhand breaking news: देहरादून में बड़ा हादसा मेजर की कार गिरी खाई में गई जिंदगी
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Dehradun Breaking News Today : मेजर की कार खाई मे गिरकर हुई दुर्घटनाग्रस्त, चली गई जिंदगी, परिजनों में मचा कोहराम
Dehradun Breaking News Today major car accident lost Life : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक हृदय विदारक घटना की खबर सामने आ रही है, जहां पर एक कार 50 मीटर गहरी खाई में गिरकर दुर्घटना का शिकार हुई है जिसमें मेजर की जिंदगी चली गई। घटना के बाद से शहीद के परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है वहीं उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मेरठ के रोहटा ब्लॉक क्षेत्र के घसौली गांव के निवासी 27 वर्षीय मेजर शुभम सैनी देहरादून के चकराता स्थित मुख्यालय में तैनात थे। दरअसल बीते शनिवार को मेजर शुभम अपने दो दोस्तो को परीक्षा देने के बाद वापस अपनी कार से चकराता के पास एक होटल में छोड़कर वापस अपनी यूनिट जा रहे थे। तभी जैसे ही उनकी कार छावनी क्षेत्र में देहरादून चकराता मार्ग पर बंगला नम्बर 10 के पास पहुंची तो अन्य वाहन को बचाने के प्रयास मे अनियंत्रित होकर 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरी।
आज मेरठ पहुंचेगा शुभम का पार्थिव शरीर ( dehradun car accident news today)
जैसे ही इस घटना की जानकारी आसपास के लोगों को मिली तो उन्होंने तुरंत पुलिस प्रशासन को घटना की सूचना दी। इसके बाद सभी ने मिलकर मेजर शुभम को खाई से बाहर निकाला जिन्हें आर्मी अस्पताल भर्ती कराया गया लेकिन डॉक्टरों ने शुभम को मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही शुभम के परिजनों को गहरा सदमा लगा। आज रविवार को मेजर शुभम का पार्थिव शरीर मेरठ ले जाया जाएगा जहाँ पर उन्हे पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।
सड़क हादसे मे मेजर की गई जिंदगी ( dehradun car accident)
बताते चलें शुभम सैनी वर्ष 2015 में एनडीए से आर्मी में भर्ती हुए थे जिनके पिता सतेंद्र कुमार सैनी सूबेदार पद से रिटायर्ड है। शुभम के बड़े भाई तुषार सैनी की 12 फरवरी को शादी होनी थी, जिसमें शुभम घर आने वाले थे लेकिन शुभम को कहां मालूम था कि वह एक दुर्घटना में अपनी जान गवा देंगे।
वर्ष 2019 मे बने थे शुभम लेफ्टिनेंट
शुभम वर्ष 2019 में कमीशन के माध्यम से सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर भर्ती हुए थे। इसके बाद उन्हें पदोन्नत कर मेजर बनाया गया था। उनकी शहादत की खबर सुनते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। शुभम तीन भाई बहनों में दूसरे नंबर के थे।
