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Uttarakhand: Jaspur Government Teacher Under Investigation for Fake Income Certificate in RTE Admission Case

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UTTARAKHAND NEWS ऊधमसिंह नगर

Uttarakhand: जसपुर में RTE एडमिशन मामला सरकारी शिक्षक पर फर्जी आय प्रमाण पत्र का आरोप

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Uttarakhand news live uttarakhand news today uttarakhand RTE admission uttarakhand RTE education policy आरटीई प्रवेश के लिए सरकारी शिक्षक पर फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप, जांच में शिकायत सही मिलने पर कार्रवाई की तैयारी

उत्तराखण्ड के ऊधम सिंह नगर जिले के जसपुर क्षेत्र से शिक्षा विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी शिक्षक पर अपने बच्चे को शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत निजी विद्यालय में प्रवेश दिलाने के लिए कथित रूप से गलत आय प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप लगा है। प्रशासनिक जांच में शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद अब शिक्षा विभाग ने संबंधित शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामला सामने आने के बाद प्रशासन और शिक्षा विभाग दोनों ने इसे गंभीरता से लिया है। जांच रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है और अब सेवा नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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गोपनीय शिकायत के बाद शुरू हुई जांच (uttarakhand RTE Admission Case)

जानकारी के अनुसार जसपुर क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय गढ़ीहुसैन में तैनात शिक्षक ओमप्रकाश पुत्र चौखे सिंह के खिलाफ विभाग को एक गोपनीय शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि वर्ष 2013 में उन्होंने अपने बच्चे को आरटीई के तहत प्रवेश दिलाने के उद्देश्य से अपनी मासिक आय मात्र 6 हजार रुपये दर्शाते हुए आय प्रमाण पत्र बनवाया, जबकि उस समय वह सरकारी शिक्षक के रूप में कार्यरत थे।

जांच में सामने आए महत्वपूर्ण तथ्य (uttarakhand teacher Income Certificate Investigation)

शिकायत मिलने के बाद तहसीलदार जसपुर ने वर्ष 2013 के मूल अभिलेखों और पंजिका की विस्तृत जांच कराई। जांच में पुष्टि हुई कि 5 अक्टूबर 2013 को ओमप्रकाश के नाम छह हजार रुपये मासिक आय का प्रमाण पत्र जारी किया गया था। वहीं रिकॉर्ड से यह भी स्पष्ट हुआ कि वह वर्ष 2005 से सरकारी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के पद पर नियुक्त थे और नियमित सरकारी सेवा में कार्यरत थे।

खुद को किसान बताकर कराया आवेदन (uttarakhand Fake Income Certificate)

जांच रिपोर्ट के अनुसार आय प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए शिक्षक ने आवेदन पत्र में स्वयं को किसान बताया था। उन्होंने अपनी आय का स्रोत कृषि दर्शाया और इसके समर्थन में शपथ पत्र, राशन कार्ड तथा परिवार रजिस्टर सहित अन्य दस्तावेज भी प्रस्तुत किए थे। तहसीलदार की रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि प्रस्तुत किए गए तथ्यों और शपथ पत्र के आधार पर आय प्रमाण पत्र जारी किया गया, जबकि बाद की जांच में यह जानकारी वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाती पाई गई।

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रिपोर्ट मुख्य शिक्षा अधिकारी को भेजी गई (uttarakhand education Departmental Action)

प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद उप जिलाधिकारी जसपुर ने पूरी जांच रिपोर्ट मुख्य शिक्षा अधिकारी, ऊधम सिंह नगर को भेज दी है। मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। प्रथम दृष्टया सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित शिक्षक के विरुद्ध सेवा नियमों के तहत विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही यदि अन्य कानूनी पहलू भी बनते हैं तो नियमानुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

आरटीई व्यवस्था की पारदर्शिता पर उठे सवाल (uttarakhand Right to Education)

यह मामला सामने आने के बाद आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। शिक्षा का अधिकार कानून आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू किया गया है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देकर इस व्यवस्था का लाभ लेने का प्रयास करता है तो इससे वास्तविक पात्र परिवारों के अधिकार भी प्रभावित होते हैं। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि विभागीय जांच पूरी होने के बाद संबंधित शिक्षक के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है और क्या इस मामले में अन्य कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाती है।

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