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उत्तराखण्ड: गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में हल्द्वानी की 11 साल की रिया का नाम हुआ दर्ज

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कहते हैं कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। इस कहावत को एक बार सही साबित कर दिखाया है राज्य के नैनीताल जिले की रहने वाली 11वर्षीय रिया पलड़िया ने। जी हां.. रिया ने बीते शनिवार को न सिर्फ एक मिनट में 14 बार ‘निरालांबा चक्रासन’ करने के विश्व रिकॉर्ड को तोड़ा बल्कि एक मिनट में 21 बार निरालांबा चक्रासन कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी अपना नाम दर्ज कराया। सबसे खास बात तो यह है कि “होनहार बिरवान के होत चिकने पात” को चरितार्थ करने वाली रिया ने उस चीज में विश्व रिकॉर्ड बनाया है जिसको आज की सबसे कठिन चीज माना जाता है और वो‌ चीज है योगासन। वैसे भी योग में तो बहुत से ऐसे आसन है जो क‌ई बार आपको हार मानने को विवश कर देते हैं और चक्रासन भी उन्हीं‌ में से एक है।। रिया की इस उपलब्धि से उनके परिवार सहित पूरे क्षेत्र में हर्षोल्लास का माहौल है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि रिया ने यह अद्भुत कारनामा कर जिले और राज्य के साथ ही‌ देश का नाम भी पूरे विश्व में रोशन किया है।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के नैनीताल जिले के हल्द्वानी तहसील के गौलापार के लछमपुर निवासी 11 वर्षीय रिया पलड़िया ने शनिवार को एक मिनट में 21 बार निरालांबा चक्रासन कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है। बता दें कि इससे पहले यह रिकॉर्ड एक मिनट में 14 बार ‘निरालांबा चक्रासन’ करने का था, जो कि कर्नाटक की एक बालिका के नाम दर्ज था। सबसे खास बात तो यह है कि शनिवार को वैंडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्डस के नेशनल हैड आलोक कुमार की निगरानी में रिया ने एक मिनट में 21 बार निरालांबा चक्रासन कर न सिर्फ वहां उपस्थित सभी लोगों को दांते तले ऊंगली दबाने को मजबूर कर दिया बल्कि गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के नेशनल हैड आलोक से प्रोविजनल सर्टिफिकेट भी हासिल किया। इस दौरान गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के नेशनल हैड आलोक कुमार ने रिया के द्वारा विश्व रिकॉर्ड कायम किए जाने की घोषणा की।


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भविष्य में ओलंपिक जिमनास्टिक में देश के लिए गोल्ड लाना चाहती है रिया:-
अपनी इस अद्वितीय उपलब्धि का श्रेय माता-पिता और कोच को देते हुए रिया कहती हैं कि अब उसका लक्ष्य ओलंपिक जिमनास्टिक में देश के लिए गोल्ड मेडल लाना है। बता दें कि रिया के पिता नवीन पलड़िया कुंवरपुर में जनरल स्टोर चलाते हैं जबकि उनकी माता हेमा पलड़िया एक कुशल गृहिणी है। रिया की इस अभूतपूर्व सफलता से पूरे परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं है, रिया के पिता का कहना है कि देश-प्रदेश का नाम रोशन करने के साथ ही उनकी बेटी ने उन्हें भी एक नई पहचान दिलाई है। वह यह भी कहते हैं कि आज उनका सबसे बड़ा सपना पूरा हुआ है। पिछले चार सालों से रिया को प्रशिक्षण दे रहे उनके कोच अमित सक्सेना का कहना है कि रिया बहुत ही मेहनती लड़की है, रिया की इस सफलता पर उन्हें गर्व है। वह यह भी कहते हैं कि मुझे पूरा विश्वास है कि रिया एक दिन अपने लक्ष्य को भी जरूर हासिल करेगी।

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