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Chamoli News: 23 सितम्बर को बजनी थी बेटी की शादी की शहनाई, जलसैलाब बहा ले गया कपड़े जेवर
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Nandangar cloudburst update chamoli : 23 सितम्बर को जिस घर में बजनी थी शादी की शहनाई, एक झटके मे मलबे मे बह गया सब कुछ, कपड़े जेवर सब बहे...
chamoli cloudburst Nandanagar disaster mahipal Gusain sera village daughter marriage on September 23 update Uttarakhand news today : उत्तराखंड के चमोली जिले में बीते बुधवार की देर रात बादल फटने के कारण आई आपदा से कई घरों को नुकसान पहुंचा है। इतना ही नहीं बल्कि 10 जिंदगियां तक लापता हो गई जिनमें से दो लोगों के शव बरामद हुए हैं जबकि अन्य की तलाश जारी है। करीब 18 घंटे बाद एक व्यक्ति को मलवे से जिंदा निकाला गया। वहीं इस आपदा के कारण सेरा गांव के एक व्यक्ति की बेटी की शादी आगामी 23 सितंबर को होनी थी जिसको लेकर घर पर तैयारियाँ चल रही थी लेकिन एक झटके मे मलबा सब कुछ बहाकर ले गया।
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अभी तक मिली जानकारी के अनुसार चमोली जिले के नंदानगर के सेरा गांव के निवासी महिपाल सिंह गुसाईं की दूसरी बेटी नीमा की शादी आगामी 23 सितम्बर को होनी तय हुई थी। जिसको लेकर घर में सारी तैयारियां हो चुकी थी वही मकान का रंग रोगन भी पूरा हो चुका था। यहां तक की शादी के लिए खाद्यान्न कपड़े और जेवर भी घर पर रखे हुए थे। तभी बुधवार की रात करीब 2:00 बजे धुर्मा क्षेत्र में बादल फट गया और मलबे के साथ आये पानी ने मोक्ष गधेरे का जलस्तर बढ़ा दिया। दरअसल सेरा गांव इसी गधेरे के किनारे बसा हुआ है जिसकी तेज धारा को देखते हुए अनहोनी की आशंका के चलते लोग घर छोड़कर सेरा मोख सड़क पर आ गए और देखते ही देखते सुबह 3:30 बजे पानी के तेज बहाव मे महिपाल सिंह गुसांई, माधो सिंह, कुंवर सिंह, विनोद सिंह, राजेंद्र सिंह, बिजमा देवी और अवतार सिंह समेत सात परिवारों के मकान बह गए।
शादी वाले घर में टूटा संकटों का पहाड़
महिपाल सिंह की पत्नी देवेश्वरी देवी ने अपनी आंखों के सामने घर को बहता हुआ देखा। उन्होंने बताया कि गधेरे का जलस्तर इतना तेज था कि उन्हें अपना घर छोड़ना पड़ा। जब वह मोख सड़क पर पहुंची तो उन्होंने देखा की मकान की जगह सिर्फ पत्थर और रेत का ढेर बचा हुआ है। महिपाल का कहना है कि उनकी बेटी नीमा और बेटा उनके साथ गोपेश्वर में थे जिन्हें गुरुवार को घर पहुंचना था। लेकिन बुधवार की रात मोक्ष गधेरे में उनका मकान बह गया, जिसके कारण बेटी की शादी करने को लेकर अब विकट परिस्थितियां खड़ी हो गई है। जिस गांव में बेटी की शादी की शहनाइयां बजनी थी उस गांव में अब सिर्फ सन्नाटा पसरा हुआ है।
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