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corruption on rishikesh aiims care unit 2.73 crores scam ghotala Case filed against director uttarakhand latest news today
Image : सांकेतिक फोटो ( Rishikesh AIIMS care unit scam)

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Rishikesh AIIMS SCAM: ऋषिकेश एम्स में 2.73 करोड़ का घोटाला, पूर्व निदेशक समेत 3 पर मुकदमा

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Rishikesh AIIMS care unit scam : AIIMS ऋषिकेश में करोड़ों रुपए का घोटाला, खुलासा होने के बाद पूर्व निदेशक समेत तीन पर मुकदमा दर्ज…

corruption on rishikesh aiims care unit 2.73 crores scam ghotala Case filed against director uttarakhand latest news today  : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आ रहा है ,जहां पर ऋषिकेश स्थित एम्स अस्पताल में बड़ा घोटाला हुआ है। इतना ही नहीं बल्कि एम्स के पूर्व निदेशक डॉक्टर रविकांत ने तात्कालिक एडिशनल प्रोफेसर रेडिएशन ओंकोलॉजी और तात्कालिक स्टोर कीपर के साथ मिलकर 2.73 करोड रुपए का घोटाला किया जिसका खुलासा होते ही पूर्व निदेशक समेत अन्य लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

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अभी तक मिली जानकारी के अनुसार राजधानी देहरादून के ऋषिकेश एम्स अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग के 16 बेड की कोरोनरी केयर यूनिट के निर्माण में बड़ा घोटाला सामने आया है। दरअसल आरोप है कि टेंडर जारी करने के बाद पूरे उपकरण नहीं खरीदे गए और जो उपकरण इंस्टॉल किए गए थे उनकी गुणवत्ता भी अच्छी नहीं थी। जिसके तहत 8 करोड रुपए से ज्यादा खर्च करने के बाद भी मरीजों को लाभ नहीं मिला। इस प्रकरण में सीबीआई ने पूर्व निदेशक समेत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

दिल्ली की कंपनी ने AIIMS के साथ की धोखाधड़ी, घटिया किस्म किस्म का सामान बेचा

आरोप है कि 5 दिसंबर 2017 को जारी टेंडर के तहत दिल्ली की कंपनी एमएस प्रो मेडिक डिवाइसेस को ठेका दिया गया जबकि कंपनी ने 2019-20 में दो किस्तों में सामान की आपूर्ति की। काम के एवज मे एम्स ने 8. 8 करोड रुपए का भुगतान किया इतना ही नहीं बल्कि इतनी अधिक रकम खर्च करने के बावजूद यह यूनिट 1 दिन भी नहीं टिकी। वहीं बीते 26 मार्च को सीबीआई और एम्स अफसरों ने संयुक्त जाँच में पाया कि आपूर्ति किए गए सामान में बहुत सा सामान बेकार है। जबकि कुछ सामान गायब और कुछ स्पेसिफिकेशन से मेल नहीं खाता। यहां तक की टेंडर फाइल भी गुम हो चुकी है।

AIIMS की टेंडर फाइल तक थी गायब

टेंडर फाइल स्टोर अधिकारी दीपक जायसवाल से मांगी गई लेकिन उन्होंने बताया की फाइल लंबे समय से गायब है। इसके बाद दीपक के साथ सीबीआई टीम ने कार्यालय के रिकॉर्ड रूम में फाइल ढूंढने का प्रयास किया लेकिन उन्हें कुछ पता नहीं चला। वहीं इस मामले का खुलासा होते ही सीबीआई एसीबी दून में एम्स के पूर्व निदेशक डॉ रविकांत, पूर्व खरीद अधिकारी डॉ. राजेश पसरीचा, पूर्व स्टोर कीपर रूपसिंह समेत अज्ञात सरकारी कर्मियों व निजी लोगों के विरुद्ध बीते 26 सितंबर को एफआईआर दर्ज की गई है।

एम्स के साथ धोखाधड़ी करने वाले ठेकेदार पुनीत शर्मा का हो चुका निधन

मामले की जाँच मे सामने आया कि मेसर्स प्रो मेडिक डिवाइसेस खनेजा कांपलेक्स शकरपुर दिल्ली के मालिक पुनीत शर्मा ने एम्स के साथ धोखाधड़ी की। इतना ही नही बल्कि मेसर्स प्रो मेडिक डिवाइसेस को अनुचित लाभ पहुंचाया। जिसके कारण एम्स ऋषिकेश को 2.73 रुपये का अनुचित नुकसान और स्वयं को भी अनुचित लाभ पहुंचाया। हालांकि अब कांट्रेक्टर पुनीत शर्मा इस दुनिया मे नही है।

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