UTTARAKHAND NEWS देहरादून
Delhi fire accident: दिल्ली होटल अग्निकांड: केशव नेगी की गिरफ्तारी पर जनता से लेकर नेता तक एकजुट…..
1 min read
दिल्ली अग्निकांड में उत्तराखंड के शेफ की गिरफ्तारी पर उठा सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग तेज (Delhi hotel Fire Case Investigation Keshav Negi)
Delhi hotel Fire Case Investigation Keshav Negi |Delhi Fire Accident| दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद उत्तराखंड निवासी शेफ केशव नेगी की गिरफ्तारी को लेकर प्रदेशभर में बहस छिड़ गई है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बड़ी संख्या में लोग इस मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरे घटनाक्रम और जिम्मेदारियों की गहराई से जांच होना आवश्यक है।
यह भी पढ़े :Bireshwar Goswami army Martyr: जम्मू कश्मीर बार्डर पर उत्तराखंड का लेफ्टिनेंट शहीद
क्या है पूरा मामला? (Malviya Nagar Fire Tragedy)
3 जून 2026 की सुबह दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौज रानी इलाके में बने फ्लोरिश स्टे बेड एंड ब्रेकफास्ट होटल में भीषण आग लग गई थी। बताया जा रहा है कि आग ग्राउंड फ्लोर अथवा बेसमेंट में संचालित रेस्टोरेंट से शुरू हुई और देखते ही देखते छह मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में 21 लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल हुए। मृतकों में विदेशी नागरिक भी शामिल थे, जो उपचार के लिए दिल्ली आए हुए थे।
घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया। इसके साथ ही होटल में कार्यरत शेफ केशव नेगी को भी कथित लापरवाही के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर उठे सवाल (Social Media Reaction)
केशव नेगी की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या एक कर्मचारी को केवल इसलिए आरोपी बनाया जा सकता है क्योंकि वह आग लगने के दौरान उसे नियंत्रित नहीं कर पाया। कई लोगों का कहना है कि यदि होटल में फायर सेफ्टी व्यवस्था में कोई कमी थी तो उसकी जिम्मेदारी तय करने के लिए होटल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
उत्तराखंड के कई सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि मामले की जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए। लोगों का मानना है कि किसी भी व्यक्ति को दोषी या निर्दोष घोषित करने से पहले सभी पहलुओं को सामने लाना जरूरी है।
उत्तराखंड की राजनीति भी आई समर्थन में (Political Support)
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार केशव नेगी होटल में शेफ के रूप में कार्यरत थे और उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी भोजन तैयार करना था। उन्होंने सवाल उठाया कि जांच का केंद्र आग लगने के कारण, सुरक्षा मानकों और होटल प्रबंधन की जिम्मेदारी पर होना चाहिए।
वहीं हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत और गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने भी दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत कर मामले की निष्पक्ष, गहन और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि दोषी को सजा अवश्य मिलनी चाहिए, लेकिन किसी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
यह भी पढ़े :Pithoragarh news today: पिथौरागढ़ 10वीं की छात्रा गर्भवती शिक्षक पर दुष्कर्म के आरोप
मुख्यमंत्री धामी ने भी जताई चिंता (Uttarakhand Government)
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से बातचीत की है। मुख्यमंत्री के अनुसार दिल्ली सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया है कि जांच पूरी तरह तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगी तथा किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने केशव नेगी की पुत्री कनिष्का नेगी से भी बातचीत कर हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार देशभर में रह रहे प्रवासी उत्तराखंडियों के साथ खड़ी है।
सभी की नजर जांच पर (Fair Investigation Demand)
फिलहाल पूरे मामले में जांच जारी है। उत्तराखंड सहित देशभर के लोग अब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि जांच एजेंसियां हादसे की वास्तविक वजह, सुरक्षा व्यवस्थाओं की स्थिति और जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका को किस तरह सामने लाती हैं। एक ओर पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना जरूरी है, वहीं दूसरी ओर यह सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि किसी निर्दोष व्यक्ति को बिना पर्याप्त आधार के जिम्मेदार न ठहराया जाए।
कुक केशव नेगी पर लगे कुछ गंभीर आरोप..(keshav Negi Cook Delhi fire tragedy)
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल अग्निकांड मामले में गिरफ्तार कुक केशव नेगी पर पुलिस ने गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। जांच के अनुसार होटल के किचन में इलेक्ट्रिक चूल्हा चालू करते समय आग भड़कने के बाद उन्होंने न तो होटल स्टाफ और मेहमानों को समय रहते सतर्क किया और न ही तुरंत पुलिस या फायर ब्रिगेड को सूचना दी। पुलिस को यह भी संदेह है कि बचाव के दौरान बेसमेंट का जालीदार शटर बंद कर दिया गया, जिससे कई लोग अंदर फंस गए। इसके अलावा आरोप है कि उन्होंने पावर सप्लाई बंद कर दी, जिससे इलेक्ट्रॉनिक दरवाजे लॉक हो गए और लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया। जांच एजेंसियों का मानना है कि आग लगने के बाद बरती गई कथित लापरवाही ने हादसे की गंभीरता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, हालांकि मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
