Connect with us
Ranibagh to Nainital distance will be reduced to start the low ropeway project

Home / उत्तराखण्ड / रानीबाग से नैनीताल की दूरियां सिमटकर हो जाएंगी कम रोप-वे प्रोजेक्ट की कवायद शुरू

उत्तराखण्ड नैनीताल

रानीबाग से नैनीताल की दूरियां सिमटकर हो जाएंगी कम रोप-वे प्रोजेक्ट की कवायद शुरू

1 min read

अब मिलेगी जाम की समस्या से जल्दी ही निजात रानीबाग(Ranibagh) से नैनीताल(Nainital) की दूरियां सिमटकर हो जाएंगी कम रोप-वे प्रोजेक्ट(Ropeway) की कवायद शुरू

सरोवर नगरी नैनीताल को अब जाम की समस्या से जल्दी ही निजात मिलने वाली है। जी हां.. जल्दी ही रानीबाग(Ranibagh)हल्द्वानी से नैनीताल(Nainital) रोपवे का काम शुरू होने वाला है, रोपवे के बनने से जहां एक ओर नगर के वाहनों का भार कम होगा ,वही पर्यटकों को भी काफी एक नया अनुभव प्राप्त होगा। नैनीताल अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए विश्व पटल पर विख्यात है, जिस वजह से यहां हर साल दुनिया भर से लाखों पर्यटक आते हैं जिस कारण नगर में पार्किंग को लेकर समस्याओं का सामना करना पड़ता था और घंटो जाम की समस्या भी बढ़ जाती थी। इस समस्या से बचने के लिए रानीबाग-नैनीताल रोपवे एक अहम विकल्प होगा। बता दें कि रानीबाग से नैनीताल तक करीब 11 किमी दूरी वाला रोप-वे(Ropeway) पीपीपी मोड में बनेगा। जिसके लिए टेंडर भी जारी हो चुका है।
यह भी पढ़ें- नैनीताल पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत, नैनीतालवासियों को सौगात में दी ये योजनाएं

फ्रांस की पोमा कंपनी को मिला रोपवे निर्माण का कार्य, ज्योलिकोट में बनेगा ईकोटूरिज्म रिजार्ट:-

प्राप्त जानकारी के अनुसार रानीबाग से नैनीताल के लिए प्रस्तावित रोपवे अब रफ्तार पकड़ने लगा है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए रोपवे के निर्माण में जो तत्परता दिखाई उसी का परिणाम है कि रोपवे निर्माण का कार्य फ्रांस की पोमा कंपनी को दिया जा चुका है। अब पर्यावरण क्लियरेंस मिलते ही रोपवे का काम भी शुरू हो जाएगा। इससे पूर्व मल्टीनेशनल कंपनी सीबीआरटी ने प्रोजेक्ट की टेक्निकल इकोनामिक फिजिबिलिटी स्टडी के लिए सर्वे पूरा कर रिपोर्ट भी सौंप दी है। राज्य के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के इस महत्वाकाक्षी प्रोजेक्ट में एचएमटी रानीबाग में लोवर टर्मिनल प्वाइंट, डोलमार में टर्न स्टेशन, ज्योलीकोट में मिड टर्म स्टेशन, हनुमानगढ़ी नैनीताल में अपर टर्मिनल स्टेशन बनाया जाएगा। जहां काठगोदाम, हल्द्वानी रेलवे स्टेशन से नजदीक होने की वजह से पर्यटकों को इसका सीधा लाभ होगा, वहीं ज्योलीकोट में 20.25 करोड़ की लागत से ईकोटूरिज्म रिजार्ट बनने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

यह भी पढ़ें- हरिद्वार: इस शख्स ने ली हंसी प्रहरी के बेटे की पढ़ाई की जिम्मेदारी

Continue Reading

More in उत्तराखण्ड

To Top