Connect with us
Uttarakhand news: garhwal rifles Brigadier Ajay Negi of nainital will be get Vishisht Seva Medal for the second time

Home / उत्तराखण्ड / उत्तराखंड: ब्रिगेडियर अजय नेगी को अदम्य साहस व वीरता के लिए दूसरी बार मिला विशिष्ट सेवा मेडल

उत्तराखण्ड नैनीताल

उत्तराखंड: ब्रिगेडियर अजय नेगी को अदम्य साहस व वीरता के लिए दूसरी बार मिला विशिष्ट सेवा मेडल

1 min read

गौरवान्वित पल, गढ़वाल राइफल्स में तैनात बिग्रेडियर अजय नेगी (Brigadier Ajay Negi) का राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक अवार्ड के लिए चयन, दूसरी बार मिलेगा यह पुरस्कार..

राज्य के होनहार वाशिंदे आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। बात सैन्य क्षेत्रों की करें तो यहां के वीर सपूतों की साहस और वीरता के क‌ई किस्से कहानियां सामने आती रहती है। यही कारण है कि वीरभूमि उत्तराखण्ड का नाम देश-विदेश में बड़े शौर्य और गौरव के साथ लिया जाता है। आज हम आपको राज्य के एक और ऐसे ही वीर सपूत से रूबरू कराने जा रहे हैं जिन्हें दूसरी बार राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक अवार्ड के लिए चुना गया है। जी हां.. हम बात कर रहे हैं मूल रूप से राज्य के नैनीताल जिले के रहने वाले तथा भारतीय सेना में ब्रिगेडियर के पद पर तैनात अजय सिंह नेगी की, जिन्हें वर्ष 2022 में पुनः राष्ट्रपति द्वारा विशिष्ट सेवा पदक प्रदान किया जाएगा। बता दें कि ब्रिगेडियर अजय को इससे पूर्व भी इस सम्मान से नवाजा जा चुका है। दूसरी बार विशिष्ट सेवा मेडल के लिए चयनित होने पर जहां उनके परिवार में हर्षोल्लास का माहौल है वहीं समूचे क्षेत्र में भी खुशी की लहर है।
(Brigadier Ajay Negi)
यह भी पढ़ें- उत्तराखंड: CRPF के डिप्टी कमांडेंट पुरषोत्तम जोशी को राष्ट्रपति द्वारा मिलेगा सराहनीय सेवा पदक

प्राप्त जानकारी के अनुसार मूल रूप से राज्य के नैनीताल जिले के आल्मा कॉटेज निवासी अजय सिंह नेगी भारतीय सेना की गढ़वाल राइफल्स में ब्रिगेडियर के पद पर तैनात हैं। वर्तमान में उनकी तैनाती दिल्ली में है। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर घोषित वीरता पुरस्कारों की सूची में उन्हें राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक पुरस्कार के लिए चुना गया है। बता दें कि बचपन से ही सेना में जाकर देशसेवा करने का सपना देखने वाले अजय ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सैनिक स्कूल नैनीताल से ही प्राप्त की है। तत्पश्चात उन्होंने डीएसबी कैंपस नैनीताल से बीएससी की डिग्री हासिल की। एम‌एससी की पढ़ाई के दौरान ही उनका चयन सेंट्रल डिफेंस एकेडमी में चयन हो गया। जिसके पश्चात ड्यूटी ज्वाइन करने के उपरांत उन्होंने क‌ई बार अपनी वीरता और अदम्य साहस का परिचय दिया। अपने साढ़े तीन दशक के सेवाकाल के दौरान जहां उन्होंने जम्मू कश्मीर में कारगिल लद्दाख के साथ ही अन्य सेक्टर में क‌ई सैन्य अभियानों का नेतृत्व करते हुए न केवल आतंकियों का सफाया किया बल्कि मणिपुर सहित अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में भी क‌ई संगठनों को भारी नुकसान पहुंचाया।
(Brigadier Ajay Negi)
यह भी पढ़ें- उत्तराखंड: मौत के तीस साल बाद सूबेदार जोशी को मिला रक्षा पदक तो बेटे के झलक आए आंसू

देवभूमि दर्शन के समाचार ग्रुप (WhatsApp) से जुड़ें

Continue Reading

More in उत्तराखण्ड

To Top