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रामनगर के हेमंत पांडेय ने किया कमाल, महज 13 वर्ष की उम्र में लिख डाली वर्ल्ड हिस्ट्री की किताब

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Hemant Pandey world history book: मूल रूप से नैनीताल जनपद के रामनगर शहर के निवासी हेमंत पांडे ने महज 13 वर्ष की उम्र में वर्ल्ड हिस्ट्री की किताब लिखकर रच डाला इतिहास……

Hemant Pandey world history book: उत्तराखंड के बच्चों की कौशल और प्रतिभा आज किसी पहचान की मोहताज नहीं है। राज्य के होनहार बच्चे आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। अपनी काबिलियत के दम पर सफलता के ऊंचे ऊंचे मुकाम हासिल करने वाले राज्य के इन होनहार बच्चों की अभूतपूर्व सफलताओं की खबरों से हम आपको आए दिन रूबरू कराते रहते हैं। इसी कड़ी में आज हम आपको रुबरु करवाने वाले है एक ऐसे बालक से जिन्होंने महज 13 वर्ष की उम्र में वर्ल्ड हिस्ट्री की किताब लिखकर इतिहास रच डाला है और एक बार फिर से यह साबित कर दिया है की अपने हुनर से सफलता को प्राप्त करने के लिए उम्र कभी मायने नही रखा करती। जी हाँ हम बात कर रहे है मूल रूप से नैनीताल जनपद के रामनगर के निवासी हेमंत पांडे की जिन्होंने महज 13 वर्ष की उम्र में ही वर्ल्ड हिस्ट्री बुक को लिखकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया है। बता दें हेमंत पांडे नैनीताल जनपद के रामनगर शहर के निवासी हैं जो अभी आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र हैं। हेमंत की उम्र अभी महज 13 वर्ष है लेकिन इतनी छोटी उम्र में ही उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ वर्ल्ड हिस्ट्री पर पुस्तक लिखकर सभी को हैरतअंगेज कर दिया है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार हेमंत पांडे की पुस्तक का विमोचन देर शाम रामनगर के ढिकुली क्षेत्र के निजी रिसोर्ट मे भव्य तरीके से किया गया। दरअसल हेमंत ने पूरे विश्व पर आधारित पुस्तक THE TALE OF THE EXPLORERS, Story of Humanity with Time (खोजकर्ताओं की कहानी, समय के साथ मानवता की कहानी) पुस्तक लिखी है और यह पुस्तक 133 पृष्ठों की है। जिसे लिखने में हेमंत को 6 महीने से अधिक का समय लगा है। हेमंत पांडे ने बताया कि जब उन्होंने पुस्तक लिखना शुरू किया तो उस वक्त वह केवल अपनी जानकारी के लिए इनफॉरमेशन के तौर पर ही लिख रहे थे लेकिन लिखते लिखते वह पुस्तक 100 पृष्ठों में बदल गई। इसके पश्चात उन्होंने एक पूरी पुस्तक लिख डाली और बताया कि उनके पिताजी की प्रेरणा काम आई।
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इस पुस्तक के लिए उन्होंने जानकारी समेटी कि मनुष्य इस पृथ्वी पर कब से रह रहे हैं और कैसे मानव का विकास हुआ है। इतना ही नहीं मनुष्यों का विकास कई कालखण्डो में हुआ है इसलिए इसे ठीक से समझने के लिए उन्होंने इतिहास को युगों या कालखण्डो में विभाजित किया और किसी काल का युग को हम उसकी निरंतरता से परिभाषित करते है जब निरंतरता में परिवर्तन होता है तो नए युग का आरंभ होता है इन्हीं सभी बिंदुओं पर उन्होंने एक पुस्तक लिखी है। हेमंत के पिता एमपी हिंदू इंटर कॉलेज में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं।वहीं दूसरी ओर बेटे की इस उपलब्धि ने उनके माता, पिता प्रभाकर पांडे का मान बढ़ाया है। आपको जानकारी देते चले हेमंत पांडे की पुस्तक विमोचन में पहुंचे प्रोफेसर डीएस बिष्ट द्वारा कहा गया कि जहां एक ओर बच्चे पढ़ने लिखने से दूर जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे अभिभावक भी है जो अपने बच्चों को ऐसा माहौल दे रहे हैं कि वह रचनात्मक तरीके से आगे बढ़ सकें। हेमंत की इस उपलब्धि पर प्रोफेसर डीएस बिष्ट ने उन्हें और उनके परिवार को ढेर सारी शुभकामनाएं दी हैं।

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