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Image : social media ( Nandangar cloudburst rescue operation)

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Chamoli cloudburst: नंदानगर मलबे से 18 घंटे बाद जिंदा निकला कुंवर लेकिन पत्नी बेटे हार गए जंग

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Nandangar cloudburst rescue operation  : मलबे में 18 घंटे तक दबे रहने के बाद जिंदा निकला युवक, पत्नी दो बच्चों की गई जिंदगी 

Nandanagar cloudburst kunwar Singh rescue operation chamoli cloud burst uttarakhand latest news today  : उत्तराखंड के चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में बीते गुरुवार की सुबह बादल फटने के कारण कुंतरी फाली, सैंती व धुर्मा मे भीषण आपदा आई, जिसके कारण कई घर मलवे की चपेट में दब गए। जबकि कई जिंदगियां भी मलबे में दफन हो गई। इतना ही नहीं बल्कि गांव में चारों ओर से सिर्फ चीख पुकार की गूंजे सुनाई दे रही थी। लोगो को बचाने के SDRf, NDRF की टीमें लगातार मलबे में उन्हें खोजती रही। इसी बीच खोजबीन के दौरान 18 घंटे तक मलवे में दबे होने के बावजूद भी एक युवक मौत को मात देकर जिंदा बाहर निकला जो किसी चमत्कार से कम नहीं है।

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अभी तक मिली जानकारी के अनुसार चमोली जिले के नंदानगर के कुंतरी फाली गांव के निवासी 42 वर्षीय कुंवर सिंह का परिवार आपदा मे मलबे के नीचे दब गया था। हालांकि मलवे के नीचे दबे रहने के बावजूद भी उनके परिवार के सदस्यों की आवाजे मदद माँगने के लिए आ रही थी। जिस पर आवाजों के आधार पर रिश्तेदारों ने चारों की जिंदा होने की पुष्टि की। इतना ही नही बल्कि सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन की टीम एसडीआरएफ , एनडीआरएफ व स्थानीय ग्रामीण आपदा प्रभावित क्षेत्र में लोगों को तलाशने लगे। जैसे ही राहत बचाव दल ने रोशनदान से कमरे में देखा तो कुंवर सिंह के अंदर होने का पता चला।

कुँवर सिंह का आधा शरीर मलबे में था दबा

इतना ही नही बल्कि कमरे में कुंवर सिंह का आधा शरीर मलबे में दबा हुआ था। जबकि चेहरे पर भी मिट्टी जमा थी, लेकिन रोशनदान से उन्हें सांस लेने में मदद मिलती रही। तभी खोजबीन के दौरान 18 घंटे बाद कुंवर सिंह को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया। जबकि कुंवर सिंह की पत्नी कांता देवी उनके पुत्र विकास, विशाल की जिंदगी चली गई। दोनों बच्चे विकास और विशाल (10 साल) सरस्वती शिशु मंदिर में पढ़ते थे। आज भी SDRF और एनडीआरएफ के जवान रेस्क्यू अभियान मे जुटे हुए हैं। कुंवर सिंह को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया है।

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