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कवियित्री प्रियंका बिष्ट, फोटो - देवभूमि दर्शन

उत्तराखण्ड

पौड़ी गढ़वाल

पौड़ी की प्रियंका बिष्ट महज 21 वर्ष में बनी ऐसी कवित्री किताबें पहुंची अमेजॉन फ्लिपकार्ट पर

Priyanka Bisht Pauri Garhwal: नैनीडांडा ब्लॉक की प्रियंका बिष्ट ने महज 21 वर्ष में लेखन कार्य में हासिल किया ऐसा मुकाम पुस्तक में पहुंची ई-कॉमर्स वेबसाइट पर

Priyanka Bisht Pauri Garhwal: हिंदी काव्य जगत की एक बहुत ही पुरानी कहावत है। ‘जहां न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि ‘ अर्थात सूर्य का प्रकाश भले ही सभी जगह नहीं पहुंच पाता हों परंतु एक कवि का मन संसार की हर दिशा में पहुंच जाता है। वह अपनी रचनाओं और कल्पनाओं को कविता का रूप देकर न केवल संसार की हर चीज को छू सकता है बल्कि अपने भावों को पाठकों के दिलो-दिमाग तक पहुंचाने में भी कामयाब होता है। आज हम आपको राज्य की एक और ऐसी ही प्रतिभावान बेटी से रूबरू कराने जा रहे हैं जो जो हिन्दी काव्य जगत में अपनी कविताओं का प्रकाश फैला रही है। जी हां… हम बात कर रहे हैं मूल रूप से राज्य के पौड़ी गढ़वाल जिले के धुमाकोट तहसील क्षेत्र के नैनीडांडा विकासखंड के कोचियार गांव निवासी प्रियंका बिष्ट की, जो कविताओं के माध्यम से अपने भावों को सुधी पाठकों तक पहुंचा रही हैं। सबसे खास बात तो यह है कि उनकी इन रचनाओं को लोग अमेज़न, फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स वेबसाइट के माध्यम से आनलाइन भी खरीद रहे हैं।
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देवभूमि दर्शन से खास बातचीत:-

Priyanka Bisht poetess: आपको बता दें कि पहाड़ की यह होनहार कवियित्री प्रियंका बिष्ट अभी महज 21 वर्ष की है। जिस उम्र में आजकल के युवा सोशल मीडिया पर अपना अधिकांश समय व्यतीत कर रहे हैं उसी उम्र में यह होनहार बेटी अपनी रचनात्मक और सृजनात्मक शक्ति का प्रदर्शन करते हुए सुंदर कविताओं के माध्यम से लोगों के दिलों दिमाग में अपनी जगह बना रही है। देवभूमि दर्शन से खास बातचीत में प्रियंका ने बताया कि उनकी नया काव्य संग्रह क्षणिकाएं, हाल ही में प्रकाशित हुई है। जिसमें उन्होंने अपनी अभावग्रस्त पारिवारिक परिस्थितियों और पास -पडौस के स्पन्दनीय, वैविध्यपूर्ण द्वन्द्वमय मानव जीवन की मार्मिकता को कविताओं के रूप में पाठकों के सम्मुख व्यक्त किया है। अपनी इस अभूतपूर्व उपलब्धि का श्रेय अपने पिता आनन्द सिंह बिष्ट एवं माता कलावती बिष्ट को देने वाली प्रियंका बताती है कि उन्होंने बीएससी नर्सिंग की डिग्री हासिल की है।
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बताते चलें कि बहुमुखी प्रतिभा की धनी प्रियंका न केवल कविताओं की रचना करने में पारंगत हैं बल्कि वह एक कुशल एथलीट भी है।‌ यही कारण है कि स्कूल के दिनों से ही उन्हें अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया जाता रहा है और वह अब तक क‌ई सम्मान हासिल कर चुकी हैं।‌ जिनमें नेहरू युवा महोत्सव( कविता) -(3rd), राष्ट्रीय सेवा योजना- A, B, C certificate (1st), भारत स्काउट गाईड- राज्यपाल पुरस्कार, खेल-कूद प्रतियोगिता (रेस) – 1st( district level), national poetry contest- (2nd), student nurse association(poetry)-2nd, बुलंदी सेवा समिति(कविता) – देवनागरी सम्मान, साहित्य गौरव सम्मान, राष्ट्रीय प्रतिष्ठा पुरस्कार, घुघूती महोत्सव ( मिजाज) 1st आदि शामिल हैं। उनकी इन कविताओं को उनके अपने इंस्टाग्राम पेज priyanka_poetry 30 पर भी सुना जा सकता है।
फ्लिपकार्ट  अमेजन.   Other site

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