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हल्द्वानी के सुनील कनवाल 4249 किलोमीटर साइकिल चलाकर पहुंचे कश्मीर से कन्याकुमारी
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Sunil kanwal haldwani news :16 दिन तक 4249 किलोमीटर साइकिल चलाकर पहुंचे कश्मीर से कन्याकुमारी, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
Sunil Kanwal of Haldwani Bageshwar cycle rally 4249 km from Kashmir to Kanyakumari uttarakhand latest news today: मन में जोश, जुनून और कुछ कर गुजरने की चाहत हो, तो किसी भी कठिन से कठिन काम को पूरा किया जा सकता है। ऐसा ही कुछ हल्द्वानी के सुनील कनवाल ने कर दिखाया है। सुनील ने कश्मीर से कन्याकुमारी तक का सफर साइकिल से पूरा किया और 4249 किलोमीटर की यह चुनौतीपूर्ण यात्रा 16 दिन में पूरी की।
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Sunil kanwal haldwani Bageshwar cycle rally from kashmir to Kanyakumari : सुनील ने बताया कि 1 नवंबर को कश्मीर से शुरू हुई ये यात्रा 16 नवंबर को कन्याकुमारी में खत्म हुई. इस यात्रा में कुल 150 साइकिलिस्ट ने हिस्सा लिया था हर दिन तय करते थे 200 से 300 किमी का सफर सुनील ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने इस यात्रा को 1 नवंबर को सुबह 6 बजे शुरू किया. इसके लिए वे 30 अक्टूबर को श्रीनगर पहुंचे। 16 दिन में यात्रा को पूरा करने के लिए हर दिन 200 से 300 किलोमीटर तक साइकिल चलानी होती थी।
बागेश्वर के रहने वाले सुनील ने कहा 16-17 घंटे साइकिल चलानी पड़ती थी ( Bageshwar sunil Bicycle)
सुनील ने कहा कि दिन में 16-17 घंटे साइकिल चलानी होती थी और रात को 2-5 घंटे सोना होता था। साथ ही खाने में प्रोटीन और हाई कार्ब डाइट का ध्यान रखना होता था और साथ ही पानी की मात्रा शरीर में बनाए रखनी होती थी। हर दिन सुबह ब्रेकफास्ट करके आगे की यात्रा शुरू करनी होती थी। हर गुजरते रास्ते का अपना ही चैलेंज होता था। तीखी धूप, चढाई, घाट, और बदलता तापमान बड़ी चुनौती थी। हमारे साथ फॉलो व्हीकल साथ में थे और उसी में हमारा सामान था, बागेश्वर के रहने वाले सुनील कनवाल फिलहाल हल्द्वानी में रहते हैं। आईटी व ट्रैवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट में पीजी करने के बाद उन्होंने बेसिक, एडवांस व सर्व एड रेस्क्यू माउंटेनियरिंग के कोर्स पूरे किये ।
कॉन्फिडेस व मैटल स्ट्रेन्थ इंसान की असली पहचान
करीब 17 वर्षों से वे ट्रैवल व टेक्नोलॉजी, दोनों फील्ड में काम कर चुके है इस वक्त वो टूर्स बाय लोकल्स से बतौर फ्रीलांसर जुड़े हैं। वे अपनी एडवेंचर कंपनी पोलस्टार एडवेंचर्स भी चला रहे है। सुनील खुद एक एक्सपीरियंरड माउंटेनियर, मैराथन रनर व अल्ट्रा-एंड्योरेंस एथलीट है. गत दो दशकों में उन्होंने कई ट्रायथलॉन, साइक्लिंग व अल्ट्रा- रनिंग इवेंट्स में हिस्सा लिया है। सुनील कहते है कि उनके लिए ये सब सिर्फ कोई चैलेंज नहीं बल्कि जीने का तरीका है। उनके मुताबिक फिटनेस सिर्फ बॉडी के लिए नहीं होती बल्कि,ये इन्सान के कॉन्फिडेस व मैटल स्ट्रेन्थ की असली पहचान है।
