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उत्तराखंड: महिलाओं ने बुरांश के जूस को बनाया स्वरोजगार का माध्यम, बने आत्मनिर्भर

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Uttarakhand Buransh Juice: उत्तराखंड की महिलाओं ने बुरास के फूल को बनाया स्वरोजगार का माध्यम, बाजार में बढ़ रही है मांग

उत्तराखंड में बुरांश के फूल का जूस बनाकर महिलाएं स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। बता दें कि पर्वतीय क्षेत्रों में खिलने जाने वाला बुरांश का फूल अपनी सुंदरता के साथ ही अपनी गुणवत्ता के लिए जाना जाता है। पहाड़ की महिलाएं बुरांश के फूल से जूस बनाकर आत्मनिर्भर बन रही है। आज हम आपको विकासनगर की कुछ ऐसे महिलाओं से अवगत कराना चाहते हैं जिन्होंने बुरांश के फूल से जूस बनाकर स्वरोजगार को अपनाया है। बता दें कि राज्य के देहरादून जिले के विकास नगर क्षेत्र में आजीविका मिशन में पंजीकृत जय मां दुर्गा स्वयं सहायता समूह ग्राम उद्पाल्टा के तूनधार की महिलाएं आजकल बुरांश का जूस बनाने का कार्य कर रही है। बताते चलें कि बुरांश के इस जूस की मांग स्थानीय बाजारों के अलावा राज्य के अन्य शहरों मे भी बढ़ रही है। बुरांश का जूस स्वादिष्ट होने के साथ ही गर्मियों में स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है।(Uttarakhand Burnash Juice)
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इन दिनों उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र बुरांश के लाल फूलों से ढके हुए हैं। वही बुरांश के इन फूलों से कई लोगों ने स्वरोजगार को अपनाया है। स्वरोजगार की इसी कड़ी में देहरादून जिले के विकासनगर क्षेत्र की आजीविका मिशन से पंजीकृत कालसी ब्लाक के ग्राम उद्पाल्टा के जय मां दुर्गा स्वयं सहायता समूह की महिलाएं  जंगलों में जाकर बुरांश के फूल एकत्रित करने के बाद इनका जूस तैयार कर रही हैं। बता दे कि बुरांश के इस जूस की मांग देहरादून के साथ-साथ बाहरी राज्यों के दिल्ली चंडीगढ़ पंजाब आदि शहरों मे भी बढ़ रही है। इससे यहां की महिलाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। दुर्गा स्वयं सहायता समूह की सदस्य निधि के अनुसार गर्मी बढ़ने के साथ ही बुरांश के जूस की मांग भी बढ़ रही है। बताते चलें कि जहां समूह की कुछ महिलाएं जंगल से बुरांश के फूल एकत्रित करने का कार्य करती हैं वही कुछ महिलाएं फूलों के छटाई करके जूस बनाने का कार्य करती हैं। इसी प्रकार समूह की सारी महिलाएं मिलजुल कर जूस बनाने का कार्य को पूरा करती हैं।
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