UTTARAKHAND ROAD ACCIDENT पौड़ी गढ़वाल
Paithani car accident Pauri: पौड़ी बुंखाल मेले से लौट रही कार हादसे में पैठाणी के 2 युवकों की गई जिंदगी
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virender Santosh Singh died car accident Bunkhal mela fell into ditch Paithani Pauri Garhwal Uttarakhand latest news today: बुंखाल मेले से लौटते श्रद्धालुओं की कार खाई में गिरी; दो युवकों की मौत, तीन गंभीर—आस्था का सफर मातम में बदला
virender Santosh Singh died car accident Bunkhal mela fell into ditch Paithani Pauri Garhwal Uttarakhand latest news today: उत्तराखण्ड में दर्दनाक सड़क दुर्घटनाओं का तांडव किस कदर बढ़ता जा रहा है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विगत सितंबर माह तक समूचे प्रदेश में 1,369 सड़क हादसे दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 932 लोगों की जान चली गई। भयावह सड़क हादसे की ऐसी ही एक और दुखद खबर आज राज्य के पौड़ी गढ़वाल जिले से सामने आ रही है जहां थलीसैंण क्षेत्र के पैठाणी के बुंखाल कालिंका मंदिर में आयोजित वार्षिक मेले से लौट रहे श्रद्धालुओं की कार रविवार देर शाम अचानक गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में मौके पर ही दो युवकों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में शोक और दहशत व्याप्त है।
टीला गांव के पास अनियंत्रित होकर गिरी कार
हादसे की जानकारी देते हुए पैठानी थाना प्रभारी सुनील रावत ने मीडिया को बताया कि वाहन टीला गांव के समीप अचानक नियंत्रण खो बैठा और सीधे गहरी खाई में जा गिरा। अंधेरा होने के कारण बचाव अभियान चलाने में काफी दिक्कतें आईं। ग्रामीणों की मदद से पुलिस और राजस्व टीम ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू किया, लेकिन वाहन अत्यधिक नीचे फंसा होने से घायलों को ऊपर लाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
दो युवकों की दर्दनाक मौत
हादसे में जिन दो युवकों की मौत हुई, वे दोनों टीला गांव के ही निवासी थे। उनकी पहचान वीरेंद्र (23 वर्ष), पुत्र सरदार सिंह और संतोष सिंह (35 वर्ष), पुत्र रघुवीर सिंह के रूप में हुई है। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है। परिजन मेले से लौटने वाले इस खुशी के सफर के ऐसे अंत की कल्पना भी नहीं कर पाए थे।
तीन श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल—दो रुद्रप्रयाग जिले के
हादसे में गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं की पहचान सोहन सिंह (32), पुत्र मदन सिंह, ग्राम टीला, पैठाणी,वीरेंद्र सिंह (25), पुत्र दिलीप सिंह, ग्राम संखरोड़ी, रुद्रप्रयाग, सिताब सिंह (31), पुत्र मदन सिंह, ग्राम संखरोड़ी, रुद्रप्रयाग के रूप में हुई है जबकि वीरेंद्र सिंह (28), पुत्र सूरज सिंह, ग्राम टीला, पैठाणी को भी हादसे में मामूली चोटें आई हैं। गंभीर रूप से घायल तीनों युवकों की हालत नाजुक बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद इन्हें पैठाणी से एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों का कहना है कि घायलों को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
कालिंका मंदिर और खड्ड की प्राचीन मान्यता Bunkhal mela pabo paithani Pauri Garhwal
आपको बता दें कि सभी युवक बुंखाल कालिंका मंदिर में आयोजित वार्षिक मेले में शामिल होकर लौट रहे थे। यह मेला पाबो ब्लाक के प्रसिद्ध बूंखाल कालिंका मंदिर में आयोजित किया जाता है, जो देवी काली को समर्पित एक बड़ा धार्मिक आयोजन है, जहां दूर-दराज के गांवों से हजारों लोग आस्था के साथ पहुंचते हैं। स्थानीय किवदंती के अनुसार, सदियों पहले गाय चराने गए कुछ बच्चों ने एक बालिका को शरारत में एक खड्ड में ढक दिया गया था। जिसके बाद सभी बच्चे तो अपने घर चले गए परन्तु वह बालिका खड्ड में ही दबी रही। माना जाता है कि वहीं बालिका ने देवी काली का रूप धारण किया और गांव के प्रधान को सपने में आकर मंदिर निर्माण का संकेत दिया।
कहानी यह भी कहती है कि मंदिर बनने के बाद देवी यात्राओं और संकटों के समय लोगों को आवाज देकर चेतावनी दिया करती थीं। गोरखा आक्रमण के दौरान यह आवाज अंतिम बार सुनी गई। उस समय गोरखाओं के आने से पहले ही देवी ग्रामीणों को गोरखाओं के आगमन की सूचना देती थी जिसके बाद गोरखाओं ने एक तांत्रिक क्रिया के चलते खड्ड में दबी देवी की उल्टा कर दिया, जिसके बाद लोगों को यह चेतावनी ध्वनियां सुनाई देनी बंद हो गई। बताया जाता है कि पहले इस खड्ड में बड़े पैमाने पर पशु बलि दी जाती थी, लेकिन वर्ष 2011 के बाद यह प्रथा पूरी तरह बंद हो चुकी है। अब मेला पूरी तरह सात्विक रूप से, डोली, ढोल-दमाऊं और पूजा-अर्चना के साथ मनाया जाता है।
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