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Pawan Joshi from pithoragarh became officer in Millitary through NDA By passing out IMA Dehradun.

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उत्तराखंड: पवन जोशी बने भारतीय सेना में अफसर, माता पिता बेटे के कंधे पर स्टार लगाकर हुए गदगद

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2016 में एनडीए(NDA) की परीक्षा उत्तीर्ण कर पवन जोशी अब आईएमए देहरादून(IMA Dehradun) से हुए पास आउट होकर भारतीय सेना(Millitary) में बने अफसर

भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून या कहें आईएमए देहरादून जहां देश की सेना के लिए वीर बहादुर जांबाज अफसर तैयार किए जाते हैं। करीब डेढ़ महीने के कठिन प्रशिक्षण के बाद यहां से पास‌आउट होकर निकलने वाले हर शख्स पर भविष्य में देश की बहुत बड़ी जिम्मेदारी मिलने वाली होती है। इन नौनिहालों के कंधों पर भविष्य में देश की सुरक्षा का जिम्मा भी सौंपा जाता है। एनडीए(NDA)  परीक्षा उत्तीर्ण कर प्रति वर्ष की तरह बीते शनिवार को भी आईएमए देहरादून(IMA Dehradun) पासिंग आउट परेड के दौरान यहां से 325 युवा अफसर भारतीय सेना(Millitary)) में शामिल हुए। इन युवाओं में उत्तराखंड के भी 24 वाशिंदे सम्मिलित हैं जिन्होंने न केवल अपने माता-पिता का नाम रोशन किया बल्कि समूचे प्रदेश को भी गौरवान्वित किया। इन 24 युवाओं में क‌ई युवा ऐसे भी थे जो अपने परिवार की सैन्य परम्परा का निर्वहन करते हुए देश की सेना में अफसर बने। ऐसा ही एक युवा हैं राज्य के पिथौरागढ़ जिले का रहने वाले पवन जोशी, जो अपने पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए बीते शनिवार को भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं।
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पवन ने सेवानिवृत्त पिता से प्रेरित होकर देखा था सेना में जाकर देशसेवा करने का सपना, कड़ी मेहनत से पाया मुकाम:-
प्राप्त जानकारी के अनुसार मूल रूप से राज्य के पिथौरागढ़ जिले के रहने वाले पवन जोशी ने बीते शनिवार को आईएमए देहरादून में आयोजित हुई पासिंग आउट परेड के दौरान अंतिम पगबाधा पार कर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। इस अवसर पर उनके माता-पिता ने स्वयं पवन के कंधों पर सितारे सजाकर उन्हें देश की सेना को समर्पित किया। बता दें कि बचपन से ही सेना में जाने का सपना देखने वाले पवन ने अपनी इंटरमीडिएट परीक्षा सैनिक स्कूल घोड़ाखाल से उत्तीर्ण की। अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए उन्होंने वर्ष 2016 में एनडीए की परीक्षा उत्तीर्ण की। सैन्य परिवार से ताल्लुक रखने वाले पवन कहते हैं कि उन्हें सेना में जाने की प्रेरणा अपने पिता से मिली। बताते चलें कि पवन के पिता जगदीश चंद जोशी भी सेना से सेवानिवृत्त हैं जबकि उनकी मां भारती जोशी एक कुशल गृहणी है। पवन की इस अभूतपूर्व उपलब्धि से जहां उनके परिवार में हर्षोल्लास का माहौल है वहीं पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है।
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