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Pithoragarh news today: devrani jethani heera uma died in car Accident berinag road uttarakhand breaking:
फोटो सोशल मीडिया heera uma devi Pithoragarh news today

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Pithoragarh news today: पिथौरागढ़ भतीजे के जनेऊ संस्कार से लौट रही देवरानी जेठानी की गई जिंदगी

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Pithoragarh news today: devrani jethani heera uma died in car Accident berinag road uttarakhand breaking: मकर संक्रांति की खुशियां मातम में बदलीं, जनेऊ संस्कार से लौट रहीं देवरानी-जेठानी की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत

Pithoragarh news today: devrani jethani heera uma died in car Accident berinag road uttarakhand breaking: देश-प्रदेश में जहां बीते रोज भगवान सूर्य नारायण के उत्तरायण होने पर मकर संक्रांति का पावन पर्व बड़े धूम-धाम से मनाया गया वहीं राज्य के पिथौरागढ़ जिले से आई बेहद हृदयविदारक एवं दिल को झकझोर देने वाली मार्मिक खबर ने न केवल एक परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया बल्कि पूरे क्षेत्र को भी गमहीन कर दिया। पूरी घटना बेरीनाग तहसील क्षेत्र की की है, जिसकी भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिस घर में दोपहर तक जनेऊ संस्कार की खुशियां थीं, वहीं कुछ ही घंटों में वही घर गहरे मातम में डूब गया।

दरअसल बेरीनाग क्षेत्र में राम मंदिर–चाकबोरा मोटर मार्ग पर हुए भीषण सड़क हादसे में देवरानी-जेठानी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह दर्दनाक हादसा उस समय घटित हुआ जब दोनों देवरानी जेठानी अपने भतीजे का जनेऊ संस्कार संपन्न होने के बाद कार बुक कर अपनी घर की ओर लौट रही थी ‌।

बुधवार को हुआ भयावह कार हादसा berinag Pithoragarh car Accident today

गौरतलब हो कि राज्य के पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग तहसील क्षेत्र में बुधवार दोपहर करीब तीन बजे बेरीनाग से लगभग 25 किलोमीटर दूर राम मंदिर चाकबोरा मोटर मार्ग पर एक ऑल्टो कार (संख्या UK TAA-5128) अनियंत्रित होकर करीब 150 मीटर गहरी खाई गिर गई थी। दुर्घटनाग्रस्त वाहन में चालक सहित दो महिलाएं सवार थीं। महिलाओं के घर से महज आधा किमी पहले खाई में गिरते ही जहां कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई वहीं ग्वाल राम मंदिर क्षेत्र की निवासी हीरा देवी (44 वर्ष), पत्नी स्व. नरेंद्र सिंह और उमा देवी (45 वर्ष), पत्नी स्व. पूरन सिंह की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

बताया गया है कि दोनों महिलाएं आपस में देवरानी-जेठानी थीं और विधवा थीं। इस हादसे में कार चला रहे गोकुल कुमार आगरी (28 वर्ष), पुत्र मदन राम, निवासी बोराआगर गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए सीएचसी बेरीनाग से हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। चिकित्सक डॉ. श्वेता के अनुसार, चालक के सिर और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं।

जनेऊ संस्कार की खुशी बन गई जीवन की आखिरी यात्रा berinag Pithoragarh news today 

बताया जा रहा है कि कार हादसे में जान गंवाने वाली उमा देवी जेठानी और हीरा देवी देवरानी अपने सबसे छोटे देवर, पूर्व सैनिक राजेंद्र बिष्ट के पुत्र आयुष के जनेऊ संस्कार में शामिल होने के लिए कोटेश्वर महादेव मंदिर गई थीं। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद सभी परिजन राईआगर कस्बे तक साथ लौटे। वहां से राजेंद्र बिष्ट अपने परिवार के साथ बेरीनाग चले गए, जबकि उमा देवी और हीरा देवी ने कार बुक कर अपने गांव ग्वाल के लिए प्रस्थान किया। करीब 12–15 किलोमीटर के सफर के दौरान दोनों महिलाएं दिनभर के धार्मिक कार्यक्रम और परिवार की बातों में व्यस्त थीं। उन्हें क्या पता था कि घर से महज आधा किलोमीटर पहले काल उनका इंतजार कर रहा है।

तीन-3 बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया

बताया गया है कि उमा देवी और उनकी देवरानी हीरा देवी अपने परिवार के साथ पैतृक गांव ग्वाल में रहतीं थीं उनका देवर पूर्व सैनिक राजेंद्र बिष्ट परिवार के साथ बेड़ीनाग में रहता है। बताते चलें कि इस हादसे में केवल दो महिलाओं की मौत नहीं हुई, बल्कि एक भरा पूरा परिवार ही उजड़ गया है। हीरा देवी और उमा देवी दोनों के पति पहले ही दुनिया छोड़ चुके थे। पति के निधन के बाद दोनों ने संघर्ष करते हुए अपने बच्चों को पाला और पढ़ाया। अब माताओं की मौत के बाद बच्चे अनाथ हो गए हैं।

स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक हीरा देवी के तीन बच्चे हैं—दो बेटियां (विवाहित) और एक बेटा, जो वर्तमान में कोर्स कर रहा है। वहीं उमा देवी के भी तीन बच्चे हैं—एक बेटी (विवाहित) और दो बेटे, जिनमें छोटा बेटा सेना में कार्यरत है और बड़ा होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रहा है।

वृद्ध सास पर भी टूटा दुखों का पहाड़

घर में मौजूद 85 वर्षीय वृद्ध सास मोहनी देवी अपने नाती आयुष के जनेऊ संस्कार की खुशी में दोनों बहुओं के लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रही थीं। लेकिन यह इंतजार कभी खत्म न होने वाला दर्द बन गया। 10 साल पहले ही पति दान सिंह और फिर बीते 5 साल के भीतर दो जवान बेटों पूरन और नरेंद्र को खो चुकी मोहनी देवी पर अब दोनों बहुओं की मौत ने दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। गांव में हर आंख नम है और हर चेहरा गमगीन।

दुःख के इस मार्मिक क्षण में मोहिनी की इस असहनीय वेदना को संवेदना देने तक की हिम्मत गांव में मौजूद किसी शख्स में नहीं है। घटना ने न केवल मोहिनी के परिवार को तोड़ कर रख दिया है बल्कि बीते 10 सालों के भीतर मोहिनी के साथ घटित हुए हादसों की दर्दनाक कड़ी ने गांव में मौजूद हर शख्स पर भी गहरा आघात किया है।

आज होगा पोस्टमार्टम

बताया गया है कि पुलिस ने दोनों महिला मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवा दिया है। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। सीओ गोविंद बल्लभ जोशी ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद जब दोनों बहुओं के शव मोहिनी देवी के पास पहुंचेंगे तो उन पर क्या बीतेगी? इस करूण दृश्य की कल्पना करने में ही आंखें खुद-ब-खुद डबडबा जाती है।
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