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Viral news today: जोधपुर ससुर की मौत से गमहीन बहू ने भी दूसरे दिन भी छोड़ दी दुनिया
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brain hemorrhage treatment: Rajasthan Viral news today ससुर की मौत का सदमा नहीं सह पाईं बहू, दो दिन में उजड़ गया खुशियों से भरा परिवार
Viral news today: Jodhpur daughter-in-law manju Kunwar died her father-in-law’s brain hemorrhage treatment rajasthan breaking news today: Rajasthan Viral news today राजस्थान के जोधपुर जिले से रिश्तों की गहराई और दर्द से भरी एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को भावुक कर दिया। बासनी मनणा गांव में एक ही परिवार ने दो दिनों के भीतर अपने दो प्रिय सदस्यों को खो दिया। पहले बुजुर्ग ससुर की बीमारी से मौत हुई और फिर उसी सदमे में उनकी बहू ने भी दुनिया छोड़ दी।
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पिता-पुत्री जैसा था रिश्ता (rajasthan Family Story)
परिवार के लोगों के अनुसार 95 वर्षीय अमृतसिंह और उनकी 47 वर्षीय बहू मंजू कंवर के बीच बेहद आत्मीय संबंध थे। घर वाले बताते हैं कि मंजू कंवर अपने ससुर की सेवा बिल्कुल बेटी की तरह करती थीं। बीमारी के दौरान उन्होंने पूरी लगन और समर्पण के साथ उनकी देखभाल की थी। 11 मई की शाम करीब छह बजे अमृतसिंह का निधन हो गया। जैसे ही यह खबर मंजू कंवर तक पहुंची, वह गहरे सदमे में चली गईं। लगातार रोने और मानसिक आघात के कारण उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।
रोते-रोते बिगड़ी हालत, अस्पताल में भर्ती (Brain Hemorrhage Case Health Insurance India)
परिजन उन्हें तुरंत जोधपुर के एमडीएम अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने बताया कि अत्यधिक सदमे की वजह से उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ है। परिवार पहले ही बुजुर्ग सदस्य के निधन से टूट चुका था और अब मंजू कंवर की हालत ने चिंता और बढ़ा दी। 12 मई की सुबह जब अमृतसिंह की अंतिम यात्रा निकाली जा रही थी, उसी दौरान मंजू कंवर की हालत और ज्यादा नाजुक हो गई। दोपहर में इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
दो बेटों की शादी की तैयारी में जुटी थीं मंजू कंवर (Jodhpur Viral News Life Insurance Policy India)
मंजू कंवर के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा श्याम सिंह जयपुर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत है, जबकि छोटा बेटा समर सिंह पाली के एक निजी स्कूल में मैनेजमेंट का काम संभालता है। परिवार के अनुसार नवंबर 2026 में दोनों बेटों की शादी तय हो चुकी थी और घर में तैयारियां शुरू हो गई थीं। मंजू कंवर खुद शादी की तैयारियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही थीं। लेकिन अचानक आए इस दुख ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं।
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गांव में पसरा मातम (Family Health Insurance Plan)
13 मई को मंजू कंवर की अंतिम यात्रा निकाली गई। एक ही घर से लगातार दो अर्थियां उठने का दृश्य देखकर गांव के लोग भी भावुक हो उठे। ग्रामीणों का कहना है कि ससुर और बहू के बीच इतना गहरा लगाव शायद ही कभी देखने को मिलता है।
