Highlights देवभूमि दर्शन
WhatsApp banned in india: भारत में बंद होगा व्हाट्सएप? 9 को सुप्रीम कोर्ट सुनाएगा फैसला
1 min read
WhatsApp banned in India: क्या भारत में बंद हो जाएगा व्हाट्सएप, प्राइवेसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दी चेतावनी, यूजर्स का डेटा चोरी कर बेचने का मामला
WhatsApp banned in India Supreme Court decision on the privacy breach user data leak on the 9th Feb 2026 latest news today: सोशल मीडिया के व्हाट्सएप प्लेटफार्म पर भारत में 85 करोड़ से ज्यादा एक्टिव यूजर है जिसका भारी संख्या में लोग इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अब इसी व्हाट्सएप को सुप्रीम कोर्ट ने भारत छोड़ने की चेतावनी दी है जिसकी महत्वपूर्ण वजह एड यूजर डेटा और प्राइवेसी है।
यह भी पढ़े :Wedding marriage card whatsapp पर आया शादी का कार्ड बना मुसीबत उड़ गए 2 लाख
बता दें व्हाट्सएप में साल 2021 में प्राइवेसी पॉलिसी के अपडेट से पूरा मामला शुरू हुआ ,जो मेटा का हिस्सा होने के नाते व्हाट्सएप अपने यूजर्स का डेटा और जानकारी मेटा के हक वाली दूसरी कंपनियों जैसे फेसबुक इंस्टाग्राम के साथ सांझा कर सकता है। इस डेटा के इस्तेमाल से मार्केट सर्विस और ऑफ रिंग्स को ऑपरेट करने यूजर्स के लिए सर्विस बेहतर करने और मेटा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बेहतर बनाने के लिए किया जा सकता है। इस प्राइवेसी पॉलिसी का नोटिफिकेशन जब यूजर्स को भेजा गया तो उन्हे 2 ऑप्शन दिए गए जिसमें एक्सेप्ट करें और व्हाट्सएप का यूज करते रहे या फिर अपना अकाउंट डिलीट कर दे। यानी व्हाट्सएप का यूजर बने रहते हुए डाटा शेयरिंग से बचने का कोई ऑप्शन नहीं था। व्हाट्सएप कहता रहा की दोस्तों यहाँ परिवार से की जाने वाली प्राइवेट चैट पूरी तरह से इंक्रिप्टेड है जिसे ना तो व्हाट्सएप पढ़ सकता है और ना ही कोई और। हालांकि अगर यूजर व्हाट्सएप पर निजी बिजनेस या कंपनी से बात करता है तो वह डेटा विज्ञापन दिखाने के लिए यूज किया जा सकता है।
नागरिकों की प्राइवेसी के साथ व्हाट्सएप को नही छेड़छाड़ करने का अधिकार
मार्च 2021 में कंपटीशन कमीशन ऑफ़ इंडिया सीसीआई ने व्हाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी की जांच शुरू की ,फिर नवंबर 2024 में मेटा पर 213.14 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके खिलाफ मेटा व्हाट्सएप ने दिसंबर 2024 में नेशनल कंपनी लॉ एप्पेलेट ट्रिब्यूनल NCLAT मे अपील की और नवंबर 2025 में मेटा को कुछ राहत दी गई लेकिन जुर्माना बरकरार रहा। 3 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई हुई, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने मेटा व्हाट्सएप को फटकार लगाते हुए कहा कि हम आपको एक भी जानकारी शेयर करने की इजाजत नहीं देंगे। जस्टिस बागची ने व्हाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी के ऑप्शन को लेकर कहा कि एक तरह की जबरदस्ती है यूजर हां बोले नहीं तो एप छोड़ दें। उन्होंने आगे कहा कि अगर आप हमारे संविधान का पालन नहीं कर सकते हैं तो भारत छोड़ दे हम नागरिकों की प्राइवेसी से समझौता नहीं होने देंगे।
9 फरवरी को कोर्ट देगा अंतरिम आदेश
व्हाट्सएप की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट अरुण ने कहा कि सभी यूजर का डाटा शेयर नहीं किया जाता है और शेयरिंग का दायरा सीमित है। व्हाट्सएप का कहना है कि हमारी पहुंच यूजर्स के पर्सनल मैसेज तक नहीं रहती इससे पहले व्हाट्सएप ने कहा था कि अगर डाटा शेयरिंग पर सख्त रोक लगी तो उसे भारत में कुछ फीचर्स को वापस लेना या रोकना पड़ सकता है जिससे व्हाट्सएप के कारोबार को नुकसान होगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में मिनिस्ट्री को भी एक पक्ष बनाने को कहा है। 9 फरवरी को कोर्ट अंतरिम आदेश देगा।
भारत छोड़ने पर व्हाट्सएप को हो सकता है भारी नुकसान
भले ही कोर्ट में व्हाट्सएप को देश छोड़ने की चेतावनी दी गई हो लेकिन भारत से व्हाट्सएप का एक झटके से बाहर जाना बेहद मुश्किल है ,क्योंकि भारत के 97% इंटरनेट यूजर व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते हैं। पूरे देश में व्हाट्सएप के ऐसे यूजर 85 करोड़ है भारत के 1.5 करोड़ से ज्यादा छोटे बड़े बिजनेस भी कस्टमर से कम्युनिकेट करने के लिए व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते हैं। कुल मिलाकर भारत व्हाट्सएप का सबसे बड़ा मार्केट है जहां से जाने से उसे काफी नुकसान हो सकता है।
