उत्तराखण्ड काव्य संकलन
कुमाऊंनी कविता- “दाज्यू आजकलै पहाड़ों हाल….” पूरन प्रसाद (काव्य संकलन देवभूमि दर्शन)
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कुमाऊंनी कविता- दाज्यू आजकलै पहाड़ों हाल….Puran prasad poem
पहाड़ों में चलि गर्ई, दाज्यू आजकलै यौ शराब।
यौ शराबले करिहाली, कतुवाकि घरकुड़ी खराब।
खानुपीन छोड़ी हालि, और पिन फैगर्ई यौ शराब।
घरमें खाणु राशन नहो, पर रोज चैं इननकै शराब।
बरातौ में राशन है, ज्यादा लागनै आब यौ शराब।
पैलिबै पौणौंकै धिनाई खिलौछी, आब मुर्गी शराब।
पहाड़ाका जवान लौंडलै,खुलेआम पिनि यौ शराब।
कोरोना बीमारी मलै रौजे, पिये दाज्यू लोगों यौ शराब।
पहाड़ों गौ-गौ उजड़ी, जबबै चलै पहाड़ों में यौ शराब।
शराबले करिहाली हो पहाड़, लोगों की घरकुड़ी खराब।
घर – घर कलेश हुॅना दाज्यू पिनि जब यौ लोग शराब।।
पहाड़ों में चलि गर्ई हो, दाज्यू आजकलै यौ शराब।।
।। यौ शराबले करिहाली, कतुवाकि घरकुड़ी खराब।।
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नशा मुक्ति कविता
नशे को अब मारो गोली, यह पूरे देश की बोली।।
नशा मुक्ति का अभियान बने, जन-जन की पहचान।।
रोकनी होगी अब बर्बादी, बदलना होगा अब ये जमाना
आओ मिलकर कदम बढ़ाऐ, नशा मुक्त भारत बनाना।
जन-जन का एक ही नारा, नशा मुक्त हो प्रदेश हमारा।
रचना- पूरन प्रसाद, ग्राम – तल्ली तोली, पो० अ० – जलना (263625), वि० खण्ड – लमगड़ा
जनपद – अल्मोड़ा (उत्तराखण्ड)
Puran prasad poem
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