Connect with us
Bhupal Singh Rana Poem Almora
फोटो देवभूमि दर्शन Bhopal Singh Rana poem

Home / उत्तराखण्ड / कुमाऊंनी कविता- “बंजर पड़ो य मोबाईल” भूपाल सिंह राणा ‘भोपदा कुमाऊंनी’ (काव्य संकलन देवभूमि दर्शन)

उत्तराखण्ड काव्य संकलन

कुमाऊंनी कविता- “बंजर पड़ो य मोबाईल” भूपाल सिंह राणा ‘भोपदा कुमाऊंनी’ (काव्य संकलन देवभूमि दर्शन)

1 min read

कुमाऊंनी कविता- बंजर पड़ो य मोबाईल…Bhupal Singh Rana poem

बजर पड़ो य मोबाईल,
ऐल नान बिगाड़ हैली ।
दयु मेहणक भौअक दाज्यू
मोबाईल चे पैली ॥
ईज बाज्यु हूँ देखो दाज्यु,
नान कुनि यूं खेली खेली।
स्कूलक कामक भहानल,
पबजी खेलनी यूं पैली ॥
बंजर पड़ो य मोबाईल,
ऐल नान बिगाड़, हैली
दयु मेहणक भौअक दाज्यू।
मोबाईल चै पैली ॥
चैटिंग में मस्त रनि.
जब चलून इन्स्टाग्राम ।
ईज बाज्यु हूं झूढ बुलानी,
म्यर ऐरो स्कूलक काम ।
बंजर पड़ो य मौबाईल,
ऐल नान बिगाड. हैली।
दयु मैहनक भौअक दाज्यूँ ।
मोबाईल चै पैली ।।
ननाकि बिगड ग्ये दाज्यु,
देखो य जीबन शैली।
ननाक हैबैर देखो दाज्यू,
फाेन धरो दूर पैली ॥
बजर पडो य मोबाईल,
ऐल नान बिगाड. हैली,
दयु मैहणक भौअक दाज्यूँ,
मौबाईल चे पैली ।।
ईज बाज्यु हूं देखो दाज्यू,
नान बुलानी खेली खेली
रचना- भूपाल सिंह राणा ‘भोपदा कुमाऊंनी’, ग्राम- चापड़, पोस्ट आफिस – भुजान, जिला- अल्मोड़ा (उत्तराखण्ड)
पिन कोड -263645
Bhupal Singh Rana poem

यह भी पढ़ें- कुमाऊंनी कविता- “कदू भल लागू दाजयू हमर देवभूमि…” हिमानी भट्ट (काव्य संकलन देवभूमि दर्शन)

उत्तराखंड की सभी ताजा खबरों के लिए देवभूमि दर्शन के WHATSAPP GROUP से जुडिए।

👉👉TWITTER पर जुडिए।

Continue Reading

More in उत्तराखण्ड

To Top