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8th Pay Commission News: Several demands of employees including increase in medical allowance
सांकेतिक फोटो 8th Pay Commission News

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8th pay commission news: आठवें वेतनमान में मेडिकल अलाउंस बढ़ाने सहित कर्मचारियों की क‌ई मांगे

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8th Pay Commission News: Several demands of employees including increase in medical allowance: 8वें वेतन आयोग को लेकर तेज हुई हलचल, मेडिकल अलाउंस बढ़ाने समेत कई मांगें सामने

8th Pay Commission News: Several demands of employees including increase in medical allowance: केंद्र सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के साथ ही सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच उम्मीदें फिर जाग उठी हैं। टर्म्स ऑफ रेफरेंस जारी होने के बाद कर्मचारी संगठनों ने अपनी पुरानी मांगों को नए सिरे से उठाना शुरू कर दिया है। इस बार सबसे अधिक चर्चा मेडिकल अलाउंस, फिटमेंट फैक्टर और पेंशन से जुड़े मुद्दों को लेकर हो रही है।

मेडिकल अलाउंस बढ़ाने की मांग

कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस (FMA) में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। वर्तमान में यह राशि लगभग 1,000 रुपये प्रतिमाह है, जिसे बढ़ाकर 20,000 रुपये करने की मांग की जा रही है। यह मांग खासतौर पर उन कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए की गई है जो ऐसे क्षेत्रों में रहते हैं जहां सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) की सुविधा उपलब्ध नहीं है। संगठनों का कहना है कि महंगाई और बढ़ते इलाज खर्च के कारण मौजूदा राशि पर्याप्त नहीं है, विशेषकर दूरदराज इलाकों में रहने वालों के लिए।

वेतन संरचना में बदलाव की मांग

कर्मचारी संगठनों ने वेतन गणना के मौजूदा फार्मूले में भी सुधार की मांग उठाई है। फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.25 करने का प्रस्ताव फिर से सामने आया है। इसके अलावा वार्षिक वेतन वृद्धि को वर्तमान 3 प्रतिशत से बढ़ाकर कम से कम 7 प्रतिशत करने की मांग की गई है। कुछ संगठनों का सुझाव है कि इसे न्यूनतम 5 प्रतिशत तक तो बढ़ाया ही जाना चाहिए, ताकि लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों को वास्तविक राहत मिल सके।

परिवार की परिभाषा बढ़ाने का सुझाव

एक अहम प्रस्ताव परिवार की यूनिट को लेकर भी रखा गया है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वर्तमान में परिवार की परिभाषा सीमित है, जबकि कई कर्मचारी अपने माता-पिता की भी जिम्मेदारी निभाते हैं। इसलिए परिवार की यूनिट को तीन से बढ़ाकर पांच किए जाने का सुझाव दिया गया है। संगठनों का दावा है कि यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो वेतन निर्धारण पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा और कर्मचारियों की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है।

छुट्टियों और रिटायरमेंट लाभ पर भी चर्चा

कर्मचारियों ने एलटीसी सुविधा को नकद रूप में उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई है, ताकि कर्मचारी अपनी जरूरत के अनुसार उसका उपयोग कर सकें। इसके साथ ही रिटायरमेंट के समय मिलने वाली लीव एनकैशमेंट की सीमा को 300 दिन से बढ़ाकर 400 दिन करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि इससे सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा और मजबूत होगी।

पुरानी पेंशन योजना फिर चर्चा में

पेंशन का मुद्दा भी इस बार प्रमुख मांगों में शामिल है। कर्मचारी संगठनों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को दोबारा लागू करने की मांग दोहराई है। उनका कहना है कि नई पेंशन व्यवस्था जैसे एनपीएस और अन्य विकल्प कर्मचारियों को अपेक्षित सुरक्षा नहीं दे पा रहे हैं। हालांकि इस विषय पर सरकार की ओर से अभी कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला है।

आयोग ने शुरू किया काम

8वें वेतन आयोग ने नई दिल्ली के जनपथ स्थित चंद्रलोक भवन में अपना कार्यालय स्थापित कर कार्य शुरू कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई इसकी अध्यक्षता कर रही हैं। कार्यालय शुरू होने के साथ ही आयोग ने कर्मचारियों और विभिन्न संगठनों से सुझाव लेना भी शुरू कर दिया है।

आने वाले महीनों में यह तय होगा कि सरकार कर्मचारियों की इन मांगों को किस हद तक स्वीकार करती है। यदि मेडिकल अलाउंस, वेतन वृद्धि और पेंशन से जुड़े प्रस्तावों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाता है, तो देशभर के करीब एक करोड़ कर्मचारी और पेंशनर्स को बड़ी राहत मिल सकती है।
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