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Chamoli news: चमोली में बारिश का कहर, नारायणबगड़ बाजार में घुसा मलबा, कई वाहन दबे
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Chamoli breaking News Today Heavy Rain : मानसून से पहले ही चमोली में बारिश का कहर, नारायणबगड़ बाजार में घुसा मलबा, कई वाहन दबे
Chamoli breaking News Today Heavy Rain: उत्तराखंड में मानसून के औपचारिक आगमन से पहले ही बारिश ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। चमोली जिले के नारायणबगड़ क्षेत्र में देर रात हुई अतिवृष्टि के कारण अचानक पहाड़ियों से भारी मात्रा में मलबा, पत्थर और बोल्डर नीचे आ गए। देखते ही देखते सूखा नाला उफान पर आ गया और मलबे का तेज बहाव सीधे थरालीबगड़ बाजार में पहुंच गया। इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों को रात के अंधेरे में अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा।
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बाजार में मलबे से मची तबाही (Narayanbagar Landslide)
तेज बहाव के साथ आए मलबे ने बाजार क्षेत्र में भारी नुकसान पहुंचाया। सड़क किनारे खड़े कई वाहन मलबे में दब गए, जबकि कई घरों और दुकानों में भी पानी और मलबा घुस गया। सरस्वती शिशु मंदिर क्षेत्र और अस्पताल आवास परिसर को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है। घटना के दौरान बाजार में चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोगों ने किसी तरह अपनी जान बचाई।
ग्वालदम हाईवे भी हुआ प्रभावित (Gwaldam Highway Blocked)
मलबा और बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर आने से ग्वालदम हाईवे कुछ समय के लिए बाधित हो गया। सूचना मिलते ही प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क से मलबा हटाने का अभियान शुरू किया गया और बाद में हाईवे पर यातायात दोबारा सुचारु कर दिया गया।
पहाड़ियों में अतिवृष्टि बनी कारण (Heavy Rain in Chamoli)
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नारायणबगड़ के ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों में देर रात अत्यधिक बारिश हुई, जिसके चलते सूखे नाले में अचानक तेज जलप्रवाह और मलबा आ गया। यही मलबा बाजार तक पहुंचा और व्यापक नुकसान का कारण बना। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस क्षेत्र में पहले भी कई बार इसी तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे यहां रहने वाले लोग हर बरसात में खतरे के साये में रहते हैं।
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प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाई आपबीती (Chamoli Disaster News)
स्थानीय निवासी दलीप नेगी ने बताया कि मलबे के साथ पानी इतनी तेज गति से आया कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। कई परिवार रात के समय अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे और पूरी रात जागकर गुजारनी पड़ी। उनका कहना है कि यदि यह घटना दिन के समय होती, तो बड़ा हादसा भी हो सकता था।
प्रशासन जुटा राहत और नुकसान के आकलन में (Uttarakhand Disaster Management)
आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल मौके पर भेज दिया गया था। प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है। साथ ही बाजार और आसपास के इलाकों से मलबा हटाने का कार्य भी तेजी से जारी है। प्रशासन ने लोगों से बारिश के दौरान सतर्क रहने और पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।
