Connect with us
Chamoli News today: Uttarakhand Aadhar cards found with outside laborers, is there infiltration? Breaking update today
Image : सांकेतिक फोटो ( Chamoli News today)

Home / UTTARAKHAND NEWS / Chamoli News today: चमोली बाहरी मजदूरों के पास मिले उत्तराखण्ड के आधार कार्ड

UTTARAKHAND NEWS चमोली

Chamoli News today: चमोली बाहरी मजदूरों के पास मिले उत्तराखण्ड के आधार कार्ड

1 min read

Chamoli News today: चमोली मे बाहरी मजदूरो के पास मिले स्थानीय पते के आधार कार्ड, उत्तराखंड में हो रही घुसपैठ…

Chamoli News today: Uttarakhand Aadhar cards found with outside laborers, is there infiltration? Breaking update today: उत्तराखंड के चमोली जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आ रहा है, जहां पर बीआरओ कैंप में भर्ती के लिए बाहरी व्यक्तियों द्वारा स्थानीय गांव में फर्जी आधार कार्ड बनाने का मामला सामने आया है जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। बताते चलें प्रदेश में यह इस तरह का कोई पहला मामला नहीं है बल्कि इससे पहले भी फर्जी आधार कार्ड के जरिए कई सारे लोग उत्तराखंड में घुसपैठ कर चुके हैं।

यह भी पढ़े :Haldwani fake domicile case: हल्द्वानी स्थाई निवास मामले का मुख्य आरोपी फैजान भी निकला फर्जी

बता दें चमोली जिले के गोपेश्वर ज्योर्तिमठ के सुरईथोठा स्थित बीआरओ कैंप में भर्ती के लिए बाहरी व्यक्तियों द्वारा स्थानीय गांव के फर्जी आधार कार्ड बनाए गए है। इस मामले में क्षेत्र पंचायत सदस्य मोहन सिंह बुटोला और स्थानीय प्रधानों समेत ग्रामीणों ने जिला अधिकारी को पत्र भेज कर गहरी चिंता व्यक्त की है। ग्रामीणों का आरोप है कि संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों के जरिए घुसपैठ सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। उप जिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने कहा कि प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है और फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करेगी।

ग्रामीणों ने लगाए कई गंभीर आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बाहरी व्यक्तियों के आधार कार्ड स्थानीय गांव के पते पर बनाए जा रहे हैं ,जबकि सामान्य प्रक्रिया में आधार कार्ड बनाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र हाई स्कूल प्रमाण पत्र और स्थाई निवास प्रमाण पत्र जैसे कई दस्तावेज आधार केंद्रो द्वारा मांगे जाते हैं। ग्रामीणों ने आशंका व्यक्त की है कि यदि फर्जी आधार कार्ड बनाने का यह सिलसिला जारी रहा तो भविष्य में इनका दुरुपयोग अपराधिक घटनाओं को अंजाम दे सकता है जिससे क्षेत्र और जनपद की छवि पर इसका बुरा असर पड़ेगा। सीमांत नीति घाटी क्षेत्र में पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं ,जहां पर नेपाली मूल के कुछ लोग वन तस्करी और चोरी जैसी घटनाओं में संलिप्त पाए गए थे।

Continue Reading

More in UTTARAKHAND NEWS

To Top