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उत्तराखण्ड चम्पावत

उत्तराखण्ड: पहाड़ में ऐसे हो रहे कोरोना टेस्ट, बिना सेंपल लिए ही बता दिया नेगेटिव रिपोर्ट

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कोरोना वायरस के इस मुश्किल दौर में भी सामने आई पहाड़ के अस्पतालों की बदहाल व्यवस्था, सेम्पल लिए बिना ही बता दी निगेटिव रिपोर्ट (coronavirus report)..

कोरोना को लेकर हमारे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कितने गम्भीर है इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बिना सेंपल जांच के व्यक्ति की कोरोना रिपोर्ट (coronavirus report) नेगेटिव बताई जा रही है। ताज़ा मामला राज्य के चम्पावत जिले का है जहां अस्पताल के सीएम‌ओ ने बिना किसी सेम्पल जांच के व्यक्ति को निगेटिव घोषित कर दिया। सीएमओ की इस लापरवाही ने जहां समूचे स्वास्थ्य विभाग को कठघरे में खड़ा कर दिया है वहीं क्षेत्रवासियों में भी इस घटना से रोष व्याप्त है। लोगों के आक्रोश को देखते हुए अब स्वास्थ्य विभाग ने सम्बंधित व्यक्ति के सैंपल लेने के आदेश दे दिए हैं। बहरहाल दुबारा सेंपल लेने के आदेश के बाद क्षेत्रवासियों का आक्रोश कुछ कम हुआ परंतु सीएमओ की इस गलती ने कोरोना के खिलाफ चम्पावत स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान जरूर लगा दिए हैं।


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सेम्पल लेने वाले डॉ. मनीष ने कहा नहीं लिया एम‌एस का सेम्पल, सीएमओ ने जारी कर दी रिपोर्ट:-

प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के चम्पावत जिले के लोहाघाट अस्पताल के एमएस डॉ. मंजीत सिंह, क्षेत्र के ही टांण स्थित राजकीय एलोपैथिक अस्पताल में सम्बद्ध है। बताया गया है कि एमएस डॉ. मंजीत सिंह के साथ ही डॉ. देवेश पांडेय और लैब तकनीशियन दिनेश ओली की कोविड-19 की सैंपलिंग 26 मई को हुई थी। जिसके बाद अस्पताल प्रशासन को डॉ. देवेश की रिपोर्ट (coronavirus report) तो नेगेटिव प्राप्त हो गई। लेकिन ना तो एम‌एस मंजीत और तकनीशियन दिनेश की कोरोना रिपोर्ट मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी से आई और ना ही उनका नाम लम्बित सेम्पलों में दिखाया गया। बावजूद इसके सीएमओ ने एमएस मंजीत की जांच रिपोर्ट निगेटिव बता दी जबकि सेम्पल लेने वाले डॉ. मनीष बिष्ट का कहना है कि उन्होंने केवल देवेश का ही सैंपल लिया था, एमएस डॉ. मंजीत और लैब तकनीशियन दिनेश का नहीं।


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