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Deepak Kumar Kotdwar News: High Court reprimands uttarakhand gym owner Mohammad Deepak Kumar latest update
Image : social media ( Deepak Kumar Kotdwar News)

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UTTARAKHAND NEWS पौड़ी गढ़वाल

deepak kumar kotdwar news: कोटद्वार जिम मालिक दीपक कुमार को हाईकोर्ट की फटकार

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Deepak Kumar Kotdwar News  : जिम मालिक दीपक कुमार की याचिका पर उत्तराखंड हाई कोर्ट ने की सुनवाई, हाई कोर्ट ने लगाई मोहम्मद दीपक को फटकार

Deepak Kumar Kotdwar News: High Court reprimands uttarakhand gym owner Mohammad Deepak Kumar latest update  : उत्तराखंड के पौड़ी जिले में स्थित कोटद्वार के जिम संचालक दीपक कुमार व उनके साथी के खिलाफ बजरंगदल की ओर से अपमानजनक टिप्पणी करने फोन छीनने और धमकी देने के आरोप में FIR दर्ज है। इस प्रकरण में नैनीताल हाई कोर्ट ने मोहम्मद दीपक को फटकार लगाई है। इसके साथ ही उन्होंने दीपक को मामले को सनसनीखेज बनाने की बात भी कहीं।

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गौर हो बीते 28 जनवरी को हुई घटना के बाद से दीपक चर्चाओं में है। दरअसल कोटद्वार में बजरंग दल के सदस्यों पर कथित तौर पर 70 वर्षीय मुस्लिम दुकानदार को परेशान करने का मामला सामने आया था , यह मामला सिर्फ दुकान के आगे लिखे बाबा शब्द से शुरू हुआ था जो तूल पकड़ता चला गया जिसमें दीपक ने दखल दिया। इतना ही नहीं बल्कि वो बजरंग दल के सदस्यों के साथ भिडते हुए नजर आए जिसका वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हुआ जिसमें वह खुद को मोहम्मद दीपक बताते हुए नजर आए। इस पूरे मामले में बजरंग दल के सदस्यों ने दीपक के खिलाफ FIR दर्ज कराई। इसके बाद दीपक ने इस मामले में उत्तराखंड हाई कोर्ट में याचिका दायर की तथा इस याचिका में उन्होंने FIR को रद्द करने सुरक्षा मांगने और उत्पीड़न के मामले में पुलिस की निष्क्रियता की जांच करने की बात कहीं।

हाई कोर्ट ने दीपक को लगाई फटकार ( kotdwar deepak kumar)

हाई कोर्ट की ओर से जांच की स्थिति की रिपोर्ट मंगाई गई साथ ही वीडियो वायरल होने के बाद दीपक को मिले चंदे का विवरण मांगा गया। याचिका पर सुनवाई के क्रम में कोर्ट ने टिप्पणी की कि आरोपी सुरक्षा की गुहार लगा रहा है। आप संदिग्ध है और मामले को सनसनीखेज बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

दीपक के वकील को भी हाई कोर्ट ने खूब सुनाया

दीपक के वकील ने जब कहा कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही है तब कोर्ट ने जवाब दिया की आप खुद ही जांच के दायरे में है। इस पर वकील ने कहा कि वह एक अलग बात है, इसके बाद कोर्ट ने कहा आप स्वीकार करते हैं कि आप जांच का सामना कर रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि जांच अवधि के दौरान उनकी जान और स्वतंत्रता की सुरक्षा रखने का कदम उठाना उनका कानूनी दायित्व है। इसलिए FIR के बाद सुरक्षा की गुहार लगाना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है इसके लिए आपको पुलिस की जांच प्रक्रिया पर भरोसा करना चाहिए।

पुलिस पर बोझ का जिक्र

हाई कोर्ट ने जाँच प्रक्रिया धीमी चलने पर कहा की पुलिस पर अधिक बोझ है। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी तीन-चार केसों पर जांच कर रही है उन पर काम का बोझ देखिए। कोर्ट ने कहा कि अब याचिका दायर करके आपने उन्हें किस स्थिति में डाल दिया है यह सीधे तौर पर जांच को प्रभावित करने की कोशिश है। जस्टिस राकेश थपलियाल ने इस मामले की सुनवाई करते हुए दीपक कुमार की सुरक्षा की गुहार की मांग पर विचार किया जिसमें कोर्ट में राज्य सरकार का पक्ष दर्ज करते हुए दीपक की सुरक्षा को लेकर कोई खतरा नहीं है यह बात कहीं गई।

पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच की गुहार लगाना जांच एजेंसी पर दबाव बनाने की एक चाल

कोर्ट ने सवाल उठाया की कोई ऐसा व्यक्ति जो किसी FIR मे संदिग्ध है ,वह सुरक्षा की गुहार कैसे लगा सकता है। हाई कोर्ट ने दीपक कुमार की ओर से जांच प्रक्रिया में पक्षपात के मामले पर भी कड़ी टिप्पणी करी। इस पर कोर्ट ने कहा कि पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच की गुहार लगाना जांच एजेंसी पर दबाव बनाने की एक चाल है। दीपक कुमार के वकील ने कोर्ट में कहा कि मेरे वकीलों को भी यह नहीं पता है कि उनकी शिकायतों पर यह FIR दर्ज की गई है। इस पर कोर्ट ने कहा कि क्यों परेशान हो रहे हो आप मेरा आदेश समझिए वे जांच कर रहे हैं, आपने सीधे सेक्रेटरी से जांच करने को कहा है। हाई कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के क्रम में साफ किया है कि यह हमारी टिप्पणी है हो सकता है मैं इस मामले में गलत हो जाऊ। इतना ही नहीं बल्कि इस मामले को कोर्ट में शुक्रवार तक टाल दिया गया।

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