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Uttarakhand news: नए जागर गीत कंचनी कैलाश पर विवादों में घिरी लोकगायिका हेमा नेगी करासी
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Hema Negi Karasi new song: Folk singer Hema negi karasi new song uttarakhand singer uttarakhand news live कार्तिक स्वामी मंदिर में फिल्माए गए जागर को लेकर घिरीं हेमा नेगी करासी, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
Folk singer Hema Negi Karasi new song jagar Kanchani Kailash, Rudraprayag Kronch Parvat Kartik Swami Temple uttarakhand breaking news today: उत्तराखंड की प्रसिद्ध लोक एवं जागर गायिका हेमा नेगी करासी एक बार फिर अपने नए संगीत प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा के केंद्र में आ गई हैं। उनका हाल ही में रिलीज हुआ आछरी जागर ‘कंचनी कैलाश’ सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, लेकिन इसके साथ ही इसके फिल्मांकन को लेकर विवाद भी खड़ा हो गया है।
31 मई को यूट्यूब पर जारी किए गए इस जागर के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोगों की मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां बड़ी संख्या में लोग गीत और इसकी प्रस्तुति की सराहना कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसके फिल्मांकन स्थल को लेकर आपत्ति भी जता रहे हैं।
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Singer Hema negi karasi Kanchani Kailash Jagar Controversy)
विवाद का मुख्य कारण रुद्रप्रयाग जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल क्रौंच पर्वत स्थित कार्तिक स्वामी मंदिर परिसर में किए गए फिल्मांकन को माना जा रहा है। जागर के कुछ दृश्य मंदिर क्षेत्र और उसके आसपास फिल्माए गए हैं, जिसके बाद सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर बहस शुरू हो गई।कुछ लोगों का कहना है कि धार्मिक और आस्था से जुड़े स्थलों पर फिल्मांकन के दौरान विशेष सावधानी और मर्यादाओं का पालन किया जाना चाहिए, जबकि दूसरी ओर कई लोग इसे उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का प्रयास बता रहे हैं।
Uttarakhand singer Hema Negi Karasi Statement)
बढ़ते विवाद के बीच हेमा नेगी करासी ने भी अपनी ओर से स्थिति स्पष्ट की है। उनका कहना है कि जागर केवल एक गीत नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोक परंपराओं, देवी-देवताओं और उनसे जुड़े ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने बताया कि ‘कंचनी कैलाश’ में परियों और उनके थानों का उल्लेख किया गया है। इसी सांस्कृतिक और पारंपरिक संदर्भ को ध्यान में रखते हुए कार्तिक स्वामी क्षेत्र को फिल्मांकन के लिए चुना गया था। उनके अनुसार इसका उद्देश्य किसी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि लोक संस्कृति के मूल स्वरूप को दर्शाना था।
Hema negi karasi song Social Media Reactions
जागर रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर लगातार चर्चा जारी है। समर्थकों का कहना है कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए ऐसे प्रयास जरूरी हैं। वहीं विरोध करने वाले लोग धार्मिक स्थलों पर शूटिंग को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं। इसी वजह से यह विषय अब केवल एक गीत तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सांस्कृतिक प्रस्तुति और धार्मिक आस्था के बीच संतुलन को लेकर भी चर्चा का विषय बन गया है।
पहले भी विवादों में रहे गीत Previous Controversy
यह पहला अवसर नहीं है जब हेमा नेगी करासी किसी गीत को लेकर विवादों में आई हों। इससे पहले उनके चर्चित गीत ‘बामणी’ को लेकर भी सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर बहस देखने को मिली थी। हालांकि उस समय भी उनके समर्थकों ने उनके कार्यों को लोक संस्कृति के संरक्षण और प्रचार से जोड़कर देखा था।
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Hema negi karasi song Culture And Tradition Debate)
‘कंचनी कैलाश’ को लेकर उठा विवाद एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर रहा है कि लोक संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और आधुनिक प्रस्तुति के बीच संतुलन किस प्रकार बनाया जाए। उत्तराखंड की लोक कला और जागर परंपरा सदियों से यहां की पहचान रही है और इन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने के प्रयास लगातार जारी हैं. फिलहाल जागर को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा का दौर जारी है। समर्थक और विरोधी दोनों पक्ष अपनी-अपनी राय रख रहे हैं, जबकि हेमा नेगी करासी का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल लोक संस्कृति और उससे जुड़े आध्यात्मिक पक्ष को लोगों तक पहुंचाना है।
