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Uttarakhand UTU Paper Leak: Assistant Professor Dr. Ashish Kumar Gupta Dismissed After Exam Paper Leak
Image : social media ( UTU Paper leak)

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उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी(UTU) पेपर लीक मामले में डॉ. आशीष कुमार गुप्ता की नौकरी गई

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|UTU Paper Leak | Uttarakhand Technical University | Exam Paper Leak | Shivalik College | Dehradun News| उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी में पेपर लीक का बड़ा खुलासा, प्रोफेसर पर छात्रों को प्रश्नपत्र भेजने का आरोप

|UTU Paper Leak | Uttarakhand Technical University | Exam Paper Leak | Shivalik College | Dehradun News| देशभर में पेपर लीक के मामलों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अब उत्तराखंड से भी एक बड़ा मामला सामने आ रहा है। प्रदेश की प्रमुख तकनीकी शिक्षण संस्थाओं में शामिल उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी (UTU) की दो सेमेस्टर परीक्षाओं के प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही छात्रों तक पहुंच गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक कॉलेज के प्रोफेसर ने कथित तौर पर प्रश्नपत्र व्हाट्सएप ग्रुप और ऑनलाइन माध्यम से छात्रों को उपलब्ध कराए। मामले का खुलासा होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोनों परीक्षाएं रद्द कर दी हैं और सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।

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छात्रों की शिकायत से खुला पूरा मामला
(Students Complaint | UTU Investigation)

विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डॉ. तृप्ता ठाकुर ने बताया कि 8 जुलाई को आयोजित परीक्षा के बाद कुछ छात्रों ने शिकायत की थी कि प्रश्नपत्र पहले से ही व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका था। शिकायत मिलते ही विश्वविद्यालय ने जांच समिति गठित कर मामले की पड़ताल शुरू की।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि 24 जून को आयोजित एक अन्य सेमेस्टर परीक्षा का प्रश्नपत्र भी कथित रूप से उसी प्रोफेसर ने तैयार किया था और वह भी परीक्षा से पहले लीक हो गया था। इसके बाद दोनों परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया।

22 छात्रों तक पहुंचाया गया प्रश्नपत्र
(Question Paper Leak | WhatsApp Group)

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, देहरादून स्थित शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आशीष कुमार गुप्ता पर आरोप है कि उन्होंने अपने कॉलेज के 22 छात्रों को प्रश्नपत्र व्हाट्सएप ग्रुप और एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराया। फिलहाल जांच में किसी प्रकार के आर्थिक लेन-देन का प्रमाण सामने नहीं आया है, लेकिन आरोपों की पुष्टि होने के बाद विश्वविद्यालय ने अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।

दो परीक्षाएं रद्द, हजारों छात्र होंगे प्रभावित
(Semester Exam Cancelled | Engineering Colleges)

पेपर लीक की पुष्टि के बाद ‘Machine Learning for Internet of Things’ और ‘Electromagnetic Field Theory’ विषयों की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। इस फैसले का असर प्रदेश के 12 इंजीनियरिंग कॉलेजों के हजारों छात्रों पर पड़ा है, जिन्हें अब दोबारा परीक्षा देनी होगी।

परीक्षा नियंत्रक डॉ. वीके पटेल ने बताया कि दोनों विषयों की पुनर्परीक्षा अगस्त के तीसरे सप्ताह में आयोजित की जाएगी। नई परीक्षा तिथि और परीक्षा केंद्रों की सूची जल्द ही विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।

आरोपी प्रोफेसर पर सात साल का प्रतिबंध, FIR की तैयारी
(Professor Suspended | FIR Action)

डॉ. तृप्ता ठाकुर ने बताया कि प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद आरोपी प्रोफेसर डॉ. आशीष कुमार गुप्ता को अगले सात वर्षों तक विश्वविद्यालय की किसी भी परीक्षा संबंधी गतिविधि से प्रतिबंधित कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

कॉलेज ने भी समाप्त की सेवाएं
(Shivalik College Action)

शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के निदेशक प्रो. टी.एस. सिद्धू ने बताया कि मामला सामने आने के बाद पहले संबंधित प्रोफेसर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और उनका इंक्रीमेंट रोका गया था। आंतरिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि परीक्षा की गोपनीयता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

सरकार ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
(CM Pushkar Singh Dhami | Education Minister)

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार आरोपी की जल्द गिरफ्तारी भी हो सकती है। वहीं शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और निष्पक्ष जांच के बाद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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शिवालिक कॉलेज को चेतावनी, 12 कॉलेजों के छात्र प्रभावित
(UTU Colleges | Uttarakhand Engineering Colleges)

विश्वविद्यालय ने परीक्षा की गोपनीयता में लापरवाही को गंभीर मानते हुए शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को कड़ी चेतावनी जारी की है। इस पूरे मामले से प्रदेश के निम्न 12 इंजीनियरिंग संस्थानों के छात्र प्रभावित हुए हैं—

बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड साइंसेज, भीमताल

तुलाज इंस्टीट्यूट, देहरादून

बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं प्रौद्योगिकी संस्थान, द्वाराहाट

रुड़की इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रुड़की

शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, देहरादून

जयरामभाई पटेल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, देहरादून

माया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, देहरादून

बाबा फरीद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, देहरादून

टीएचडीसी इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोपावर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, टिहरी

नन्हीं परी सीमांत इंजीनियरिंग संस्थान, पिथौरागढ़

वूमेन्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, देहरादून

इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, गोपेश्वर

विश्वविद्यालय का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच अभी जारी है और यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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