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Pithoragarh News Today Dharchula Villagers Carry Body Through Forest Overnight After Fatal Lightning Strike
Image : social media ( Dharchula News Today)

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Pithoragarh: पिथौरागढ़ के धारचूला में आकाशीय बिजली की चपेट में आकर व्यक्ति ने तोड़ा दम

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|Pithoragarh News Today, Lightning Strike, Dharchula News, Uttarakhand Weather, Rural Tragedy| पिथौरागढ़ में दर्दनाक हादसा, जंगल में बकरी चरा रहे ग्रामीण पर गिरी आकाशीय बिजली

|Pithoragarh News Today, Lightning Strike, Dharchula News, Uttarakhand Weather, Rural Tragedy| उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। धारचूला तहसील की सुदूरवर्ती ग्राम सभा जुम्मा के कोथिला तोक में जंगल में बकरियां चरा रहे एक ग्रामीण की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

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मौसम बिगड़ते ही हुआ
हादसा (Lightning Strike in Forest, Dharchula Incident)

प्राप्त जानकारी के अनुसार कोथिला तोक निवासी 55 वर्षीय दीवान सिंह पुत्र रणजीत सिंह रविवार को रोज की तरह पास के जंगल में अपनी बकरियां चराने गए थे। इसी दौरान अचानक मौसम खराब हो गया और तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली चमकने लगी। बताया जा रहा है कि इसी बीच एक बिजली सीधे दीवान सिंह के ऊपर गिर गई, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

देर शाम तक घर नहीं लौटे तो बढ़ी चिंता
(Missing Villager, Family Search Operation)

शाम होने के बाद भी जब दीवान सिंह बकरियों के साथ घर वापस नहीं लौटे तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। परिवार के लोग उन्हें खोजने जंगल की ओर गए, जहां कुछ देर बाद उनका शव मिला। यह दृश्य देखकर परिजनों में कोहराम मच गया।

नेटवर्क ठप होने से बढ़ी परेशानी
(No Mobile Network, Remote Village Problems)

हादसे के समय क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह बंद था, जिसके कारण ग्रामीण तुरंत प्रशासन या अन्य लोगों को सूचना नहीं दे सके। गांव के लोगों ने रात में ही टॉर्च की रोशनी के सहारे घने जंगल की ओर रुख किया और शव को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया।

रातभर चला शव को गांव तक लाने का संघर्ष
(Difficult Terrain, Rescue by Villagers)

कोथिला तोक का इलाका भौगोलिक रूप से बेहद दुर्गम माना जाता है। जंगल तक पहुंचने वाला रास्ता संकरा और काफी खराब था, जिससे अंधेरे में ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने पूरी रात मेहनत की और सोमवार तड़के करीब चार बजे किसी तरह शव को मुख्य गांव तक पहुंचाया।

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अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
(Sub District Hospital Dharchula, Postmortem)

सोमवार सुबह ग्रामीण शव को लेकर उप जिला चिकित्सालय धारचूला पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दीवान सिंह को आधिकारिक रूप से मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा भरकर शव का पोस्टमार्टम कराया और सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

मुआवजे की मांग उठी
(Disaster Relief Compensation, Local Demand)

इस दुखद घटना पर बिशन सिंह धामी समेत क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि प्रभावित परिवार को आपदा प्रबंधन कोष से उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाए।

लगातार खराब मौसम और आकाशीय बिजली की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से बारिश के दौरान खुले स्थानों और जंगलों में जाने से बचने तथा मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

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