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NEET 2026 paper leak: dinesh biwal arrested from Rajasthan over NEET exam 2026 neet paper leak case update uttarakhand breaking news today
Image : सांकेतिक फोटो ( NEET 2026 paper leak)

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Highlights देवभूमि दर्शन

Neet 2026 paper leak: नीट पेपर लीक राजस्थान से आरोपी गिरफ्तार सड़कों पर उतरे छात्र

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NEET 2026 paper leak: NEET UG 2026 neet paper leak 2026 neet paper leak case पेपर लीक की जांच में बड़े खुलासे, राजस्थान से महाराष्ट्र तक फैला नेटवर्क, CBI के रडार पर कई राज्य

NEET 2026 paper leak: dinesh biwal arrested from Rajasthan over NEET exam 2026 neet paper leak case update uttarakhand breaking news today: Neet paper leak 2026 neet exam 2026 देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET (UG) 2026 रद्द होने के बाद अब पेपर लीक मामले की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की तफ्तीश में राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र और उत्तराखंड तक फैले एक बड़े संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों को ऐसे संकेत मिले हैं कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही लाखों रुपये लेकर प्रश्नपत्र छात्रों तक पहुंचाए जा रहे थे।

तीन मई को आयोजित हुई परीक्षा को मंगलवार को रद्द कर दिया गया था। इसके बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। कई राज्यों में प्रदर्शन जारी हैं और अब पूरा मामला राष्ट्रीय स्तर के शिक्षा घोटाले के रूप में देखा जा रहा है।

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जयपुर से आरोपी गिरफ्तार Neet Paper Leak 2026 Network

सीबीआई जांच में जयपुर के जमवारामगढ़ निवासी दो भाइयों मांगीलाल बिवाल और दिनेश बिवाल का नाम सामने आया है। जांच एजेंसियों को शक है कि दोनों भाइयों ने गुरुग्राम के एक डॉक्टर के जरिए करीब 30 लाख रुपये में नीट का पेपर खरीदा था। बताया जा रहा है कि यह पेपर बाद में परिवार के ही एक छात्र तक पहुंचाया गया, जो सीकर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था।

जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि दिनेश बिवाल के परिवार के चार बच्चों का चयन पिछले वर्ष भी नीट परीक्षा में हुआ था। अब एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या पिछले साल की सफलता भी इसी तरह की किसी संगठित धांधली से जुड़ी थी।

टेलीग्राम पर लीक हुआ पेपर Digital Leak Modus Operandi

तफ्तीश में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था। प्रश्नपत्र सबसे पहले व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भेजे जाते थे। इसके बाद उनकी प्रिंट कॉपियां तैयार कर छात्रों और अभिभावकों तक मोटी रकम लेकर पहुंचाई जाती थीं।

देहरादून से गिरफ्तार आरोपी राकेश मंडवारिया पर करीब 700 छात्रों तक पेपर पहुंचाने का आरोप लगा है। एजेंसियों के मुताबिक नेटवर्क के सदस्य अलग-अलग राज्यों में सक्रिय थे और परीक्षा से पहले ही सौदे तय हो चुके थे।

महाराष्ट्र से भी जुड़े तार NEET exam 2026 Maharashtra Connection

मामले की जांच अब महाराष्ट्र तक भी पहुंच चुकी है। नासिक से गिरफ्तार शुभम खैरनार से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। शुभम खुद बीएएमएस डॉक्टर बताया जा रहा है। जांच एजेंसियों का दावा है कि उसने करीब 10 लाख रुपये में पेपर खरीदा और बाद में उसे 15-15 लाख रुपये में कई लोगों को बेच दिया।

सीबीआई को पूछताछ में पुणे और लातूर से जुड़े लिंक भी मिले हैं। लातूर लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बड़ा केंद्र माना जाता है। एजेंसियों को आशंका है कि यहां भी प्रश्नपत्र पहुंचाए गए थे। फिलहाल सीबीआई पुणे के एक संदिग्ध की तलाश में जुटी हुई है।

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सड़कों पर उतरे छात्र छात्राएं Students Protest Across India neet latest news today

पेपर लीक के आरोपों और परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर में छात्रों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। केरल से लेकर बिहार तक कई जगहों पर अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किए हैं। लाखों छात्र अब नई परीक्षा तिथि की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं, जबकि अभिभावकों में भी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

एनटीए की ओर से कहा गया है कि जांच एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर परीक्षा प्रक्रिया को जारी रखना संभव नहीं था। नई परीक्षा तिथियों और एडमिट कार्ड से जुड़ी जानकारी जल्द जारी की जाएगी।

2024 में भी लीक हुआ था पेपर Patna NEET Scam 2024

इस पूरे मामले के बीच दो साल पुराने पटना नीट पेपर लीक कांड की भी चर्चा तेज हो गई है। वर्ष 2024 में हुए उस मामले में संजीव मुखिया नाम का आरोपी चर्चा में आया था, जिस पर कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक कराने के आरोप लगे थे।

बताया जाता है कि संजीव मुखिया बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला था और वह एक बड़े सॉल्वर गैंग का संचालन करता था। नीट पेपर लीक मामले में वह करीब 11 महीने तक पुलिस को चकमा देता रहा। उसके ऊपर तीन लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। बाद में उसे पटना के दानापुर इलाके से गिरफ्तार किया गया।

जांच एजेंसियों के अनुसार उसका नेटवर्क केवल नीट तक सीमित नहीं था, बल्कि शिक्षक भर्ती और पुलिस भर्ती परीक्षाओं में भी उसके तार जुड़े मिले थे। हालांकि समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं होने के कारण उसे जमानत मिल गई थी, लेकिन दूसरे मामलों में आरोपी होने के चलते वह अब भी जेल में बंद है।

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सीबीआई कर रही जांच CBI Investigation

सीबीआई अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े छात्रों, अभिभावकों, एजेंटों और कथित सॉल्वर गैंग की पहचान करने में जुटी हुई है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर कितने छात्रों ने पैसे देकर परीक्षा में लाभ लेने का प्रयास किया।

जांच में सामने आए तथ्यों ने देश की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि एजेंसियां इस संगठित नेटवर्क की जड़ तक कब पहुंचती हैं और नई परीक्षा को पारदर्शी तरीके से कैसे आयोजित किया जाता है।

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