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NSA Ait doval reached their village in pauri garhwal uttarakhand

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NSA अजीत डोभाल पहुंचे उत्तराखंड, पैतृक घर की स्थति देख पसीजा दिल बोले अब पहाड़ में बनाऊंगा मकान

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एनएसए अजीत डोभाल(NSA Ajit Doval) जब पहुंचे उत्तराखंड(Uttarakhand) में अपने पैतृक गांव घीड़ी तो पैतृक घर की जर्जर स्थति देख पसीजा गया दिल

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल(NSA Ajit Doval) उत्तराखंड अपने पैतृक गांव घीड़ी अपनी कुलदेवी मां बाल कुंवारी देवी की पूजा अर्चना के लिए प्रत्येक वर्ष आते रहते है। इस वर्ष भी अजीत डोभाल कुलदेवी की पूजा करने पैतृक गांव पहुंचे है। शनिवार को कुलदेवी की पूजा के बाद एनएसए डोभाल अपनी पत्नी के साथ पुस्तैनी घर देखने पहुंचे थे। उनके पैतृक घर की स्थति काफी जर्जर हो चुकी है , जिसकी ऐसी स्थति देखकर उनका दिल पसीज बैठा। जिसको देखते हुए उन्होंने गांव में पैतृक घर बनाने की बात कही। मीडिया से बातचीत में नएसए डोभाल ने कहा कि बहुत जल्द ही उनके मकान का नक्शा तैयार हो जाएगा। इस मकान के साथ ही उन्होंने मंदिर के पास एक गेस्ट हाउस भी बनाने की बात कही। पूजा अर्चन करने के बाद वह ग्रामीणों से मिले और उनका हालचाल जाना। एनएसएस डोभाल के अपने गांव घीड़ी पहुंचने पर ग्रामीण खासे उत्साहित हैं। बता दे की वह यहां(Uttarakhand) अपनी पत्नी के साथ पहुंचे थे और उनका ये निजी दौरा था। सबसे खाश बात तो ये है की एनएसए बनने के बाद अजीत डोभाल का अपने पैतृक गांव में यह तीसरा दौरा है।
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गौरतलब है कि अजीत डोभाल का जन्म वर्ष 1945 में पौड़ी के बनेलस्यूं पट्टी स्थित घीड़ी गांव में हुआ था। उन्होंने कक्षा चार तक की शिक्षा गांव के प्राथमिक विद्यालय में ली। इसके बाद अजमेर के सैनिक स्कूल में प्रवेश लिया। अपनी उच्च शिक्षा उन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से से पूरी की जहां अर्थशास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद उनका आइपीएस में चयन हुआ। बताते चले की अजीत डोभाल वर्ष 1968 बैच के केरल कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें वर्ष 2014 में देश का राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया था। इसके साथ ही वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री मोदी ने डोभाल को तीन जून को दोबारा एनएसए की जिम्मेदारी सौंपने के साथ ही कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी प्रदान किया।
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