Pithoragarh UTTARAKHAND NEWS
Pithoragarh News: पिथौरागढ़ कुकर्म का आरोपी बोला छुटने के बाद फिर से करूंगा ऐसी हरकत….
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Pithoragarh Crime News: 40 दिन पहले जेल से छूटा आरोपी फिर बना मासूम का गुनहगार, पुलिस जांच में सामने आई रोंगटे खड़े कर देने वाली सच्चाई
Pithoragarh Crime News: उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में पांच वर्षीय मासूम बच्ची के अपहरण और दुष्कर्म की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस दिल दहला देने वाले मामले में पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान आरोपी का जो आपराधिक इतिहास सामने आया है, उसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है। इतना ही नहीं, आरोपी के कथित बयान और उसके पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए अब पुलिस उसकी रिहाई के बाद की हर गतिविधि की गहन पड़ताल कर रही है।
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मासूम के लापता होते ही शुरू हुआ बड़ा सर्च ऑपरेशन
(Missing Child Case | Pithoragarh Police | CCTV Investigation)
23 जून को एक पीड़ित पिता ने कोतवाली पिथौरागढ़ पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई कि उनकी पांच वर्षीय बेटी दोपहर करीब एक बजे से अचानक लापता है। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे के निर्देश पर तत्काल चार विशेष टीमें गठित की गईं। शहर और आसपास के इलाकों में लगे करीब 60 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। कई घंटों की जांच के बाद एक फुटेज में एक व्यक्ति बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाता दिखाई दिया, जिसके बाद पुलिस की जांच तेजी से आगे बढ़ी।
सिर्फ आठ घंटे में बच्ची मिली, मेडिकल रिपोर्ट ने किया बड़ा खुलासा (Child Rescue | Medical Report | POCSO Case)
पुलिस की लगातार कोशिशों का परिणाम यह रहा कि गुमशुदगी दर्ज होने के करीब आठ घंटे के भीतर बच्ची को टनकपुर तिराहे के पास से सकुशल बरामद कर लिया गया। इसके बाद उसे तत्काल मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया। मेडिकल रिपोर्ट में बच्ची के साथ दुष्कर्म की पुष्टि होने पर पुलिस ने मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(2), 115(2), 137(2), 351(3) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 जोड़ दी। फिलहाल बच्ची का इलाज जारी है और उसकी देखभाल बाल कल्याण समिति (CWC) तथा चिकित्सकों की टीम की निगरानी में हो रही है।
कमांडर जीप में बैठाकर जंगल ले गया आरोपी (Kidnapping | Forest Crime | Crime Scene)
जांच में सामने आया कि आरोपी बच्ची को बहला-फुसलाकर अपनी कमांडर जीप में बैठाकर बिण क्षेत्र के जंगलों में ले गया। वहां उसने मासूम के साथ दरिंदगी की। वारदात के बाद आरोपी बच्ची को बदहवास हालत में टनकपुर तिराहे के पास छोड़कर फरार हो गया।
पुलिस ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाकर जांच को आगे बढ़ाया।
48 घंटे बाद पुलिस के शिकंजे में आया आरोपी
(Accused Arrested | Police Action | Crime Investigation)
सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने आरोपी की पहचान रई धनौड़ा, पिथौरागढ़ निवासी 35 वर्षीय होशियार सिंह के रूप में की। 25 और 26 जून की मध्यरात्रि करीब 12:15 बजे एसआई कमलेश चंद्र जोशी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पुनेड़ी महर रोड स्थित बैंड के पास घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
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पुराना रिकॉर्ड जानकर पुलिस भी रह गई हैरान
(Criminal History | Repeat Offender | POCSO Convict)
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी पहले भी वर्ष 2022 में एक 11 वर्षीय नाबालिग बालक के अपहरण और यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। इस मामले में जून 2024 में अदालत ने उसे सात वर्ष और पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। सजा के दौरान वह पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, सितारगंज और हरिद्वार की जेलों में रहा। 14 मई 2026 को वह हरिद्वार जेल से निजी मुचलके पर रिहा हुआ था और करीब 40 दिन बाद ही उस पर एक और जघन्य अपराध करने का आरोप लगा।
पूछताछ में कथित बयान ने बढ़ाई पुलिस की चिंता
(Police Interrogation | Psychological Investigation)
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित रूप से कहा कि उसका झुकाव हमेशा छोटे बच्चों की ओर रहता है और यदि भविष्य में वह दोबारा जेल से बाहर आया तो फिर ऐसी हरकत कर सकता है। अधिकारियों के अनुसार इस कथित बयान ने जांच टीम की चिंता बढ़ा दी है। इसी कारण अब उसके आपराधिक व्यवहार और मानसिक स्थिति से जुड़े सभी पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
अब खंगाली जा रही है ट्रेवल हिस्ट्री(Travel History | Uttarakhand Police Investigation)
एसपी अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने बताया कि पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि 14 मई को जेल से रिहा होने के बाद आरोपी किन-किन स्थानों पर गया और इस दौरान कहीं किसी अन्य आपराधिक घटना में उसकी संलिप्तता तो नहीं रही।
इसके लिए उसकी ट्रेवल हिस्ट्री और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की विस्तार से जांच की जा रही है।
गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
(BNS Sections | POCSO Act | Legal Action)
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं 65(2), 115(2), 137(2), 351(3) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि इन धाराओं में दोष सिद्ध होने पर मृत्युदंड या शेष प्राकृतिक जीवन तक आजीवन कारावास जैसी कठोर सजा का प्रावधान है।
इन पुलिसकर्मियों ने निभाई अहम भूमिका
(Police Team | Successful Operation | Uttarakhand Police)
इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व एसआई कमलेश चंद्र जोशी ने किया। बच्ची की सुरक्षित बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी में प्रभारी निरीक्षक ललित मोहन जोशी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक मदन सिंह बिष्ट, महिला सब इंस्पेक्टर बबीता टम्टा, प्रियंका मौनी, हेड कांस्टेबल मुकेश शर्मा तथा कांस्टेबल पंकज गिरी सहित पूरी पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मामले का त्वरित खुलासा करने पर एसपी ने टीम को पांच हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की भी घोषणा की है
