UTTARAKHAND NEWS नैनीताल
Ankita Bhandari Case अंकिता भंडारी केस में दोषियों को हाईकोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार
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अंकिता भंडारी हत्याकांड में हाईकोर्ट ने दोषियों की जमानत याचिका खारिज की, 20 जुलाई को होगी अगली सुनवाई(Ankita Bhandari Murder case)
Uttarakhand Ankita Bhandari Murder Case: High Court Rejects Bail of Pulkit Arya and Saurabh Bhaskar: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड (Ankita Bhandari Murder Case) में सोमवार को नैनीताल स्थित उत्तराखंड हाईकोर्ट से बड़ा फैसला सामने आ रहा है। हाईकोर्ट ने मामले के दो दोषियों पुलकित आर्या और सौरभ भास्कर की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें कोई राहत देने से इनकार कर दिया। साथ ही मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 जुलाई की तारीख तय की गई है।
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हाईकोर्ट ने नहीं दी कोई राहत (Uttarakhand High Court)
30 जून को हुई सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ की खंडपीठ ने दोषियों की ओर से दाखिल अपील और जमानत याचिका पर सुनवाई की। दोनों दोषियों ने कोटद्वार की निचली अदालत द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी और जमानत की मांग की थी। हालांकि अदालत ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया और जमानत देने से इनकार कर दिया।
दोषियों ने खुदकुशी का दावा किया
सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से अदालत में कहा गया कि अंकिता भंडारी ने आत्महत्या की थी और उनकी मौत में उनका कोई हाथ नहीं है। इसी आधार पर उन्होंने अदालत से जमानत पर रिहा किए जाने की मांग की।
सरकार और पीड़ित पक्ष ने रखे मजबूत तर्क
वहीं सरकार और पीड़ित पक्ष की ओर से आरोपियों की दलीलों का कड़ा विरोध किया गया। अदालत को बताया गया कि घटना के बाद रिसॉर्ट के कमरे को तोड़ दिया गया, बुलडोजर चलाया गया और आगजनी कर कई अहम सबूत मिटाने की कोशिश की गई। इसके अलावा अंकिता के व्हाट्सएप चैट भी आरोपियों के खिलाफ महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं। पक्षकारों ने सवाल उठाया कि यदि आरोपियों का घटना से कोई संबंध नहीं था, तो फिर सबूत नष्ट करने की कोशिश क्यों की गई। इसी आधार पर जमानत याचिका खारिज करने की मांग की गई।
निचली अदालत ने सुनाई थी उम्रकैद
इस मामले में 30 मई 2025 को कोटद्वार कोर्ट ने पुलकित आर्या और सौरभ भास्कर को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302, 354ए और 201 के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 47 गवाह अदालत में पेश किए थे, जिनके आधार पर अदालत ने दोष सिद्ध माना था। इसी फैसले को दोनों दोषियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
बचाव पक्ष ने उठाए ये सवाल
आरोपियों के वकीलों ने अदालत में दलील दी कि मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह मौजूद नहीं है और अंकिता का शव नहर (कैनाल) से बरामद हुआ था। उनका कहना था कि अभियोजन पक्ष केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोप लगा रहा है।
अभियोजन ने पेश किए अहम साक्ष्य
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि घटना के समय तीनों आरोपियों की मोबाइल लोकेशन घटनास्थल पर पाई गई थी। फोरेंसिक जांच में भी यह तथ्य सामने आया। इसके अलावा अंकिता के व्हाट्सएप चैट में भी कई अहम जानकारियां मिलीं। जांच में यह भी सामने आया कि रिसॉर्ट के सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए थे और डीवीआर से छेड़छाड़ की गई थी, जिससे सबूत मिटाने की कोशिश की गई।
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क्या है पूरा मामला?
पौड़ी गढ़वाल जिले के डोभ श्रीकोट गांव की रहने वाली अंकिता भंडारी वनंत्रा रिसॉर्ट में नौकरी करती थीं। आरोप है कि रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्या, सौरभ भास्कर और अंकित ने अंकिता की हत्या कर उसका शव चीला बैराज में फेंक दिया था। पुलिस जांच के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और तब से वे जेल में बंद हैं। बाद में कोटद्वार की निचली अदालत ने तीनों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। अब इस मामले में हाईकोर्ट में अपील पर सुनवाई जारी है, जिसकी अगली तारीख 20 जुलाई निर्धारित की गई है।
