UTTARAKHAND ROAD ACCIDENT चमोली
Chamoli bike Accident today: चमोली नशे में धुत चालक ने युवक को रौंदा, खराब एम्बुलेंस में तोड़ा दम
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chamoli bike Accident today: 18 years old Manish Singh died ambulance bike dumper accident tharali gwaldam uttarakhand: चमोली: नशे में डंपर चालक की टक्कर और बीच रास्ते जवाब दे गई एंबुलेंस, 18 वर्षीय युवक की तड़पकर मौत
chamoli bike Accident today: 18 years old Manish Singh died ambulance bike dumper accident tharali gwaldam uttarakhand: उत्तराखण्ड के चमोली जिले से मानवता और व्यवस्था दोनों को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ओर नशे में धुत डंपर चालक ने बाइक सवार युवक को बुरी तरह रौंद दिया, तो वहीं दूसरी ओर समय पर इलाज पहुंचाने वाली 108 एंबुलेंस की खराबी ने उसकी सांसें छीन लीं। यह दर्दनाक हादसा न सिर्फ एक परिवार के लिए त्रासदी बन गया, बल्कि पहाड़ में सड़क सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत भी उजागर कर गया।
अभी तक मिल रही जानकारी के मुताबिक मूल रूप से राज्य के बागेश्वर जिले के ग्राम गलाई कंधार निवासी 18 वर्षीय मनीष सिंह पुत्र कैलाश सिंह रविवार दोपहर को अपनी बाइक से तलवाड़ी की ओर जा रहा था। इसी दौरान जैसे ही वो ग्वालदम–सिमली राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंचा तभी तेज रफ्तार से आ रहे डंपर वाहन संख्या UK 14 CA 1921 ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भयावह थी कि जहां उसकी बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई वहीं डंपर के टायर मनीष की जांघों के ऊपर से गुजर गए, जिससे वह मौके पर ही गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ग्वालदम पहुंचाया गया। सूचना मिलते ही थराली थानाध्यक्ष विनोद चौरसिया पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने मनीष की नाजुक हालत को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर करने की सलाह दी।
इसके बाद मनीष को 108 एंबुलेंस से बैजनाथ (बागेश्वर) स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। लेकिन किस्मत ने यहां भी साथ नहीं दिया। एंबुलेंस ग्वालदम से करीब 12 किलोमीटर आगे कंधार कस्बे तक ही पहुंच पाई थी कि अचानक उसका इंजन बंद हो गया। चालक के प्रयासों के बावजूद एंबुलेंस दोबारा स्टार्ट नहीं हो सकी।
मजबूरी में बैजनाथ से दूसरी 108 एंबुलेंस मंगवाई गई, लेकिन इसमें करीब एक घंटे का समय लग गया। इस पूरे दौरान घायल मनीष एंबुलेंस के भीतर ही असहनीय दर्द से तड़पता रहा। जब तक दूसरी एंबुलेंस मौके पर पहुंची, तब तक युवक की हालत और बिगड़ चुकी थी और उसने एंबुलेंस में ही दम तोड़ दिया। जवान बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
वहीं दूसरी ओर पुलिस ने डंपर को कब्जे में लेकर चालक को हिरासत में ले लिया है। संदेह के आधार पर चालक का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि हादसे के वक्त चालक नशे की हालत में था। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
यह घटना सिर्फ एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की दोहरी विफलता की तस्वीर है। एक तरफ नशे में वाहन चलाने वालों पर प्रभावी कार्रवाई का अभाव, तो दूसरी ओर आपातकालीन सेवाओं की बदहाल स्थिति। स्थानीय लोगों का कहना है कि थराली तहसील क्षेत्र में तैनात कई 108 एंबुलेंस लंबे समय से ठीक तरह से मेंटेन नहीं की जा रही हैं, जिसके चलते मरीजों को बीच रास्ते में परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि एंबुलेंस समय पर बैजनाथ अस्पताल पहुंच जाती, तो शायद मनीष की जान बचाई जा सकती थी। यह सवाल अब भी हवा में तैर रहा है कि आखिर कब तक ऐसी लापरवाही की कीमत आम लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी।
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