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उत्तराखंड : पहाड़ की बाल सुधार ओषधी बिच्छू घास से बनेंगे बेहतरीन खूबसूरत कपड़े….

Bichhu Grass Clothes: अब बिच्छू घास से बनेंगे शानदार कपड़े, योगनगरी ऋषिकेश के हर्बल गार्डन में लगाई गई मशीन……….

Bichhu Grass Clothes: उत्तराखंड को प्रकृति का वरदान माना जाता है क्योंकि यहां पर प्रकृति ने ऐसे कई सारे निशुल्क उपहार लोगों को प्रदान किए है जो लोगों के जीवन का एक अहम हिस्सा माने जाते है। ऐसा ही कुछ वरदान प्रकृति ने उत्तराखंड के स्थानीय लोगों को निशुल्क रूप मे बिच्छू घास दिया है जिसमें तमाम तरह के स्वास्थ्यवर्धक गुण तो पाए जाते ही हैं लेकिन साथ ही इसका प्रयोग सब्जी बनाने के अलावा पहाड़ों मे अक्सर बच्चों को डराने के लिए भी किया जाता है, इस कारण इसे पहाड़ी बाल सुधार औषधि भी कहा जाता है। लेकिन इसी बीच बिच्छू घास से जुड़ी एक अच्छी खबर सामने आ रही है कि अब इसका प्रयोग शानदार कपड़े बनाने के लिए किया जाएगा।
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Nettle Grass Uttarakhand
बता दें कि बिच्छू घास को कई सारे स्थानों पर कंडाली के नाम से भी जाना जाता है जिसका प्रयोग अक्सर सब्जी बनाने के साथ – साथ औषधि के रूप में भी इसे प्रयोग मे लाया जाता है लेकिन अब कंडाली यानी की बिच्छू घास का प्रयोग कपड़ों को बनाने में भी किया जाएगा जिसके लिए उत्तराखंड के योगनगरी ऋषिकेश में स्थित शिवालिक जैव विविधता पार्क में कंडाली से स्लाइबर बनाने वाली मशीन को स्थापित किया गया है। जिसमें बिच्छू घास को डालकर स्लाइबर निकाला जाएगा तथा बाद मे फाइबर और फिर कपड़े बनाए जाएंगे जिसके बाद कपड़े अच्छे से तैयार हो जाने पर इन्हें बाजार में बेचने के लिए लाया जाएगा।
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जानें कैसे बनते है बिच्छू घास से कपड़े:-

बिच्छू घास से कपड़े बनाने के लिए सबसे पहले कंडाली के प्राकृतिक रेशे को हाइड्रोजन पेरोक्साइड में डालकर उबाला जाता है। इसके बाद इसे अच्छे से धोकर कुटाई करके सुखाकर मशीन में डाला जाता है जिसके बाद उससे धूल मिट्टी हटाने के लिए उसे वेलो मशीन में डाला जाता है। इसके पश्चात निकले हुए उत्पाद को ओपनर मशीन में डाला जाता है जिसमे फाइबर घुलने लगते हैं और फिर उसे कार्डिंग मशीन में डाला जाता है जिसमें से स्लाइबर निकलता है। स्लाइबर निकलने के बाद बिच्छू घास का यार्न और फिर फैब्रिक बनता है जिससे आखिर में कपड़े बनाए जाते हैं।
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जानें क्या है बिच्छू घास:-

बिच्छू घास अधिकतम पहाड़ी क्षेत्रों में उगने वाली कटीली झाड़ी होती है जिसका वैज्ञानिक नाम Urtica dioica है। यह एक प्रकार की जड़ी-बूटी है जिसे कंडाली भी कहा जाता है। यह पौधा अपने पत्तों और तनों पर उपस्थित छोटे-छोटे बालों के कारण काफी प्रसिद्ध है, जो स्पर्श करने पर जलन और खुजली पैदा करते हैं। इसकी पत्तियाँ आमतौर पर दिल के आकार की होती हैं और तनों के साथ साथ इसके नुकीले बाल होते है। इतना ही नही यह आयुर्वेदिक और हर्बल चिकित्सा के उपयोग में महत्वपूर्ण मानी जाती है जिसमें कई प्रकार के औषधीय गुण पाए जाते है इसे सूजन, एलर्जी, और जोड़ों के दर्द में उपयोग किया जाता है। दरअसल बिच्छू घास पोषक तत्वों से भरपूर होती है और इसमें विटामिन ए, सी, डी और के, कैल्शियम, आयरन समेत प्रोटीन की प्रचुर मात्रा भी पाई जाती है।

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