Connect with us
Deepak Kumar Assistant Professor kapkot Bageshwar
फोटो सोशल मीडिया Deepak Kumar assistant professor

Home / उत्तराखण्ड / बागेश्वर: माता-पिता ने खेतीबाड़ी कर पढ़ाया बेटे दीपक ने असिस्टेंट प्रोफेसर बन उनका मान बढ़ाया

उत्तराखण्ड बागेश्वर

बागेश्वर: माता-पिता ने खेतीबाड़ी कर पढ़ाया बेटे दीपक ने असिस्टेंट प्रोफेसर बन उनका मान बढ़ाया

1 min read

Deepak Kumar Assistant Professor : बागेश्वर के दीपक कुमार ने उत्तीर्ण की यूकेपीएससी परीक्षा, असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुए चयनित…..

Deepak Kumar Assistant Professor : उत्तराखंड के होनहार युवाओं की जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है। यहां के होनहार प्रतिभाशाली युवाओं ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन के जरिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है खासकर यूकेपीएससी द्वारा आयोजित विभिन्न चुनौतीपूर्ण परीक्षाओं में युवाओं ने सफलता के झंडे गाड़े हैं जो वाकई में सरहाना के काबिल है। इसी बीच बागेश्वर जिले के बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले दीपक कुमार ने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण कर राजनीति विज्ञान में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयनित होकर अपने सपनों को ऊंची उड़ान दी हैं। इतना ही नहीं बल्कि ऐसे युवा आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बनते हैं जो उन्हें भी उच्च लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
यह भी पढ़ें- बधाई: नैनीताल की शीतल व प्रियंका ने कड़ी मेहनत से किया सपना साकार बनी असिस्टेंट प्रोफेसर

Deepak Kumar kapkot Bageshwar बता दें बागेश्वर जिले कपकोट तहसील के निवासी पीएचडी रिसर्च स्कॉलर दीपक कुमार ने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण कर राजनीति विज्ञान में असिस्टेंट प्रोफेसर का पद हासिल किया है। दरअसल इससे पहले दीपक कुमार NEt, JRf, USET जैसी परीक्षा भी उत्तीर्ण कर चुके हैं जिसके चलते वर्तमान में दीपक कुमार डॉक्टर बृजेश कुमार जोशी के निर्देशन में पीजी कॉलेज रानीखेत से शोध कर रहे हैं। बताते चलें दीपक की प्राथमिक शिक्षा विद्यालय चौडा से पूरी हुई है। जबकि उनकी हाई स्कूल तथा इंटर की शिक्षा इंटर कॉलेज चौड़ा स्थल तथा उच्च शिक्षा एसएसजे कैंपस अल्मोड़ा से पूर्ण हुई है। दीपक कुमार के माता-पिता ने दीपक को खेती बाड़ी कर मेहनत मजदूरी से पढ़ाया। हालांकि शुरुआती दौर से ही उनकी घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी लेकिन बावजूद इसके दीपक ने कभी हार नहीं मानी और वह निरंतर प्रयास करते रहे इसी का परिणाम है कि आज उनके माता-पिता और परिवार का संघर्ष साथ ही दीपक की स्वयं की मेहनत रंग लाई और उन्होंने यह उच्च मुकाम हासिल कर अपने सपनों को ऊंची उड़ान दी है। दीपक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता बहादुर राम तथा माता चनुली देवी व अपने बड़े भाई लोकपाल और बड़ी बहन दीपा समेत समस्त गुरुजनों को दिया है। दीपक की इस विशेष उपलब्धि के बाद से उन्हें बधाई देने वालों का लगातार तांता लगा हुआ है।

यह भी पढ़ें- बधाई: उधम सिंह नगर की कविता ने उत्तीर्ण की UKPSC परीक्षा, बनी असिस्टेंट प्रोफेसर

Continue Reading

More in उत्तराखण्ड

To Top