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gram pradhan sanjay kumar of nankuri didihat Pithoragarh died body found in forest suicide case uttarakhand news live
Image : social media ( Didihat gram pradhan news)

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UTTARAKHAND NEWS पिथौरागढ़

Pithoragarh news: डीडीहाट के ग्राम प्रधान का शव जंगल में बरामद चुने गए थे निर्विरोध

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Didihat gram pradhan news : दो हफ्ते पहले ली थी ग्राम प्रधान पद की शपथ, जंगल मे मिला ग्राम प्रधान का शव, चुने गए थे निर्विरोध प्रधान..

gram pradhan sanjay kumar of nankuri didihat Pithoragarh died body found in forest suicide case uttarakhand news live : उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ से एक दुखद खबर सामने आ रही है जहां पर निर्विरोध निर्वाचित हुए ग्राम प्रधान का शव जंगल में मिलने से सनसनी फैल गई है। घटना के बाद से मृतक के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है वहीं पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। बरहाल पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है।

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अभी तक मिली जानकारी के अनुसार पिथौरागढ़ जिले के डीडीहाट के ननकुड़ी गांव के निवासी 40 वर्षीय संजय कुमार पुत्र फकीर राम इस वर्ष पंचायत चुनाव में निर्विरोध ग्राम प्रधान चुने गए थे। जिन्होंने अभी दो हफ़्ते पहले ही ग्राम प्रधान पद पर शपथ ली थी। दरअसल बीते गुरुवार को अस्कोट पुलिस को सूचना मिली कि ननकूडी प्राथमिक स्कूल के पास बांज के पेड़ पर किसी व्यक्ति का शव लटका है। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची जहां पर उन्होंने मृतक की शिनाख्त की वहीं परिजनों की मौजूदगी में शव के पंचायतनामा की प्रक्रिया पूर्ण की गई। इस दौरान जाँच करने पर पता चला कि संजय कुछ समय से मानसिक तनाव में चल रहे थे जिससे ऐसा अंदेशा जताया जा रहा है कि मानसिक तनाव के कारण उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया है।

तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

मृतक संजय की दो बेटियां और एक बेटा है जिनके सिर से पिता का साया उठ चुका है। ग्रामीणों ने बताया कि संजय 2002 से 2007 तक गांव में ग्राम प्रधान रहे, जो हमेशा गांव के विकास के लिए कार्य किया करते थे। ग्रामीणों ने बताया कि जब वह प्रधान नहीं थे तब भी गांव के कार्यों में सहयोग किया करते थे। इतना ही नहीं बल्कि ग्रामीणों के अधिकांश विकासखंड और तहसील समेत विभिन्न कार्यों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती थी। सरकारी योजनाओं का लाभ भी वो ग्रामीणों को दिलाते थे। संजय की सक्रियता को देखते हुए ग्रामीणों ने इस बार उन्हें निर्विरोध ग्राम प्रधान चुना था लेकिन अचानक से संजय के इस कदम के बाद से हर कोई हैरान है।

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