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उत्तराखण्ड रूद्रप्रयाग

उत्तराखण्ड : पहाड़ में खुदाई के दौरान मिली महाभारत काल की गुफा…अंदर हो रहे शिवलिंग के दर्शन

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alt=" cave found in uttarakashi digging"उत्तराखंड में वैसे तो अनेक रहस्यमयी गुफाएं हैं जो अपने आप में अद्भुत है, और इन गुफाओ का ऐतिहासिक और पौराणिक दृष्टि से भी महत्त्व रहा है। आज हम आपको एक ऐसी ही अद्भुत गुफा की खबर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी खोज निर्माणाधीन मोटर मार्ग पर खुदाई के दौरान हुई। जी हां.. हम बात कर रहे हैं रूद्रप्रयाग जिले में हाल ही में मिली उस ऐतिहासिक गुफा की जिसके महाभारत कालीन होने का स्थानीय ग्रामीणों द्वारा अनुमान लगाया जा रहा है। अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि गुफा के अंदर क्या है परन्तु स्थानीय लोगों का दावा है कि गुफा के अंदर पांडवों के अस्त्र-शस्त्र मौजूद है। मीडिया रिपोटर्स में यह भी दावा किया गया है कि लोक निर्माण विभाग ने भी इस ऐतिहासिक गुफा के मिलने की पुष्टि की है वहीं जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल का कहना है कि निर्माणाधीन मोटर मार्ग पर गुफा के मिलने का मामला संज्ञान में आया है। अब गुफा की जांच करवाई जाएगी जिसके बाद ही पता चलेगा कि गुफा के अंदर क्या है?



गुफा में हो रहे हैं शिवलिंग के दर्शन, चट्टान पर भगवान राम सहित रामायण कालीन लक्ष्मण, सीता एवं हनुमान के चरण भी है मौजूद-
प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के रूद्रप्रयाग जिले के निर्माणाधीन राऊलैंक-जग्गी बगवान मोटर मार्ग पर हाल ही में एक गुफा मिली है। गुफा मिलने की सुचना मिलते ही मौके पर गुफा को देखने के लिए लोगों का जमावड़ा उमड़ पड़ा जो अभी भी जारी है। बताया गया है कि गुफा के बाहर की चौड़ाई मात्र एक फीट है परन्तु गुफा के अंदर की चौड़ाई एवं लम्बाई का अभी तक पता नहीं चल पाया है। बहरहाल स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गुफा की गहराई करीब 10 मीटर बताई गई है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि गुफा के अंदर शिवलिंग के दर्शन हो रहे हैं एवं गुफा से करीब 50 मीटर आगे बनी चट्टान पर भगवान राम, लक्षमण, सीता एवं हनुमान के चरणों को आसानी से देखा जा सकता है। वहीं दूसरी ओर मद्महेश्वर घाटी के पूर्व अध्यक्ष राकेश नेगी का तो यह भी मानना है कि गुफा में पाण्डवों के अस्त्र-शस्त्र भी हो सकते हैं। अब वास्तव में सच क्या है इसका पता तो पुरातात्विक विभाग की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा जिसके आदेश जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने दिए हैं।




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