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Uttarakhand: हल्द्वानी पहुंचा शहीद बलवंत सिंह का पार्थिव शरीर, अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब
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Manipur Terror Attack News: मणिपुर में शहीद हुए बलवंत सिंह खेतवाल का पार्थिव शरीर पहुंचा घर, अंतिम विदाई पर उमडा लोगों का हुजूम..
Uttarakhand news: Martyr Balwant Singh khetwal Mortal Remains Reach Haldwani After Manipur Terror Attack: मणिपुर में हुए आतंकवादी हमले में उत्तराखंड के दो जवान मां भारती की सेवा करते हुए शहीद हो गए थे। दोनों जवानों में से कुमाऊं के एक जवान बलवंत सिंह खेतवाल का पार्थिव शरीर आज उनके घर पहुंच चुका है, जहां पर लोगों का जनसैलाब उनके अंतिम दर्शनों के लिए उमड़ पड़ा। बताते चलें बलवंत सिंह और चन्द्रमोहन सिंह दोनों शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को मणिपुर के CM युमनाम खेमचंद सिंह व राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने श्रद्धांजलि देते हुए पुष्प चक्र अर्पित किया।
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बता दें मणिपुर उखरुल जिले में बीते सोमवार की दोपहर 40 असम राइफल के काफिले पर हुए आतंकवादी हमले में पौड़ी जिले के निवासी हवलदार चंद्रमोहन सिंह और बागेश्वर जिले के वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह खेतवाल शहादत को प्राप्त हो गए थे। मणिपुर पुलिस द्वारा देर रात तक दोनों जवानों के पोस्टमार्टम और अन्य कागजी कार्यवाही पूरी होने के बाद दोनों जवानों के पार्थिव शरीर सेना को सौंपे गए। मामला मणिपुर सरकार गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय से जुड़ा होने के कारण आगे की कार्यवाही में थोड़ा समय लगा। जिसके बाद बीते बुधवार को दोनों जवानों के पार्थिव शरीर हेलीकॉप्टर से उत्तराखंड भेजे गए। आज गुरुवार को बलवंत सिंह का पार्थिव शरीर उनके घर हल्द्वानी पहुंच चुका है। बलवंत सिंह के पार्थिव शरीर को देखते ही उनके परिजन बिलख पड़े।
उत्तराखंड ने खो दिए अपने दो जवान बागेश्वर के बलवंत सिंह व पौडी के चंद्रमोहन शहीद (Pauri Garhwal, bageshwar news today) Balwant Singh and Chandramohan martyred
मणिपुर में हुए आतंकवादी हमले में बागेश्वर जिले केतुपेड (वन डूंगरा) निवासी वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह खेतवाल शहादत को प्राप्त हो गए। बलवंत सिंह का परिवार वर्तमान में नैनीताल जिले के हल्द्वानी मोतीनगर में रहता है जहाँ शहीद का रानीबाग चित्रशिला घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। बलवंत सिंह खेतवाल वर्ष 1991 में असम राइफल्स में भर्ती हुए थे। बताया जा रहा है बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए उन्होंने करीब दस साल पहले हल्द्वानी में अपना घर बनाया था। शहीद जवान की बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है जबकि छोटी बेटी देहरादून में बीकॉम की पढ़ाई कर रही है और बेटा अभी हाईस्कूल का छात्र है।
ड्यूटी पर लौटने के तीन दिन बाद चंद्रमोहन शहीद ( Manipur news update) pauri Garhwal Chandra Mohan Singh
पौड़ी जिले के नैनीडांडा क्षेत्र स्थित डांडातोली गांव के निवासी व वर्तमान में गाजियाबाद के रहने वाले चंद्र मोहन सिंह भी मणिपुर में शहादत को प्राप्त हुए। बताया जा रहा है 2 मई को चंद्रमोहन के पिता का निधन हो गया था जिसके चलते पारिवारिक क्रियाकर्म के बाद चंद्रमोहन बीते 3 जुलाई को ड्यूटी पर लौटे थे और तीन दिन बाद वह शहीद हो गए। चंद्र मोहन के परिवार में उनकी पत्नी मंजू देवी एक बेटा और दो बेटियां हैं जिन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बागेश्वर और पौड़ी जिले के दोनों जवानों ने मां भारती की सेवा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है जिसे पूरा देश याद रखेगा।
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गोलियों की बौछार करते रहे उग्रवादी ( Manipur news live)
बताते चलें मणिपुर के उखरुल जिले के नुंगशांग योंग कोंग इलाके में बीते सोमवार की दोपहर करीब साढे 1:00 से 1:50 बजे के बीच उग्रवादियों ने एक बड़ा हमला किया। यह हमला उस दौरान घटित हुआ जब 40 असम राइफल्स के जवान अपनी नियमित ड्यूटी और ऑपरेशन मूवमेंट पूरी कर शांगशाक बटालियन मुख्यालय लौट रहे थे। इसी दौरान संदिग्ध उग्रवादियों ने उनके काफिले पर घात लगाकर अत्याधुनिक हथियारों से अंधाधुंध गोलाबारी शुरू की और भीषण आईडी विस्फोट किये। इस हमले में उग्रवादियों की गोली लगते ही उत्तराखंड के बलवंत सिंह और चंद्र मोहन सिंह ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जबकि इस हमले में अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हुए। बताया जा रहा है हमले के बाद सुरक्षा बलों और उग्रवादियों के बीच शाम के करीब 4:30 बजे तक लगभग ढाई घंटे रुक रुक कर गोलाबारी होती रही।
