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उत्तराखण्ड

चम्पावत

उत्तराखण्ड: सेना के जवान की दिल्ली में इलाज के दौरान मौत, सैन्य सम्मान के साथ हुई अंत्येष्टि‌

indian army image: जवान अपने पीछे छोड़ गए हैं एक मासूम बेटा और नन्ही बेटी सहित भरा पूरा परिवार..alt="solider harish last funeral with indian army image"

राज्य के चम्पावत जिले के रहने वाले भारतीय सेना(indian army image) के एक वीर जवान की लम्बी बिमारी से मौत की दुखद खबर आ रही है। बताया गया है कि जवान पिछले करीब डेढ़ साल से बीमार थे और उनका इलाज दिल्ली में चल रहा था। जहां शुक्रवार देर रात को जवान करीब डेढ़ साल से चली आ रही जिंदगी और मौत के बीच की जंग हार गए और उन्होंने अस्पताल में ही उपचार के दौरान दम तोड दिया। जवान की मौत की खबर से परिजन बेसुध हो गए। शनिवार को जैसे ही जवान का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। आस-पड़ोस के लोगों ने जवान के परिजनों को सांत्वना देने की कोशिश तो की परंतु इस असहनीय दुःख की घडी में उनकी आंखों से भी अश्रुओं की धारा बह निकली। परिजनों के अंतिम दर्शन एवं रीति रिवाजों से अंतिम क्रिया करने के बाद दोपहर को जवान की अंतिम यात्रा निकाली गई जिसमें भारी संख्या में लोग सम्मिलित हुए। जिसके बाद शारदा घाट पर जवान का अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। बताया गया है कि जवान अपने पीछे एक बेटा और एक बेटी के साथ भरा-पूरा परिवार छोड़कर ग‌ए है।


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प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के चम्पावत जिले के थ्वालखेड़ा निवासी जवान हरीश चंद्र जोशी पुत्र दिले राम जोशी भारतीय सेना(indian army image) की बंगाल इंजीनियर बटालियन में तैनात थे। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग जम्मू के उधमपुर में थी। बताया गया है जवान हरीश पिछले करीब डेढ़ साल से  कैंसर की गंभीर बिमारी से ग्रसित थे जिस कारण दिल्ली में उनका इलाज चल रहा था जहां वह‌ जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे थे। शुक्रवार को अचानक उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और उन्होंने उपचार के दौरान दम तोड दिया। जवान के अचानक निधन की खबर से परिजन सदमे में हैं। शनिवार सुबह जैसे ही जवान का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों की आंखों से आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे। आस-पड़ोस के लोग जवान के परिजनों को सांत्वना देने जरूर जा रहे थे परन्तु छोटे-छोटे बच्चों की मासूम सूरत देखकर उनकी आंखों से अश्रुओं की धारा बह रही थी। परिजनों के अंतिम दर्शन के बाद जवान का अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ शारदा घाट पर किया गया जहां जवान की चिता को मुखाग्नि मृतक के भाई मनोज ने दी।


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