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Uttarakhand Soldier Funeral with Military Honors in Bageshwar

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जम्मू-कश्मीर में तैनात उत्तराखंड के जवान का निधन, पहाड़ में सैन्य सम्मान के साथ हुई अंत्येष्टि

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जम्मू-कश्मीर में तैनात बीएसएफ के जवान (Uttarakhand Soldier) का हृदयगति रूकने से निधन, सरयू गोमती के संगम तट पर पूरे सैन्य सम्मान (Military Honors) के साथ किया गया अंतिम संस्कार..

ड्यूटी में तैनात बीएसएफ के जवान हयात सिंह पपोला के आकस्मिक निधन की दुखद खबर जम्मू-कश्मीर से आ रही है। जवान की मौत का कारण हृदयगति रूकना बताया जा रहा है। बताया गया है कि मृतक जवान (Uttarakhand Soldier) राज्य के बागेश्वर जिले के रहने वाले थे। जवान के आकस्मिक निधन का समाचार मिलते ही जहां मृतक के परिवार में कोहराम मच गया वहीं पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। बीते रविवार सुबह जैसे ही जवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा तो परिजनों की आंखों से अश्रुओं की धारा बहने लगी। परिजनों के अंतिम दर्शनों के बाद शहीद का अंतिम संस्कार सरयू-गोमती के संगम पर पूरे सैन्य सम्मान (Military Honors) के साथ किया गया और वह पंचतत्व में विलीन हो गए।
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तिरंगे में लिपटे पति के शव को देखते ही बेसुध हो गई मृतक की पत्नी, बच्चों सहित अन्य परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल:-

प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के बागेश्वर जिले के बनलेख क्षेत्र के सैंथर तोक गांव निवासी हयात सिंह पपोला बीएसएफ में कार्यरत थे। वर्तमान में उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में थी। 1988 में सेना में भर्ती हुए हयात सिंह बीएसएफ की 163 बटालियन में सहायक उपनिरीक्षक में तैनात थे। बताया गया है कि तीन रोज पूर्व हयात की तबीयत खराब हो गई। जिस पर बीएसएफ के अधिकारियों ने उन्हें सेना अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उन्होंने उपचार के दौरान दम तोड दिया। हयात के आकस्मिक निधन का समाचार मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। रविवार को जैसे ही उनका पार्थिव शरीर सेना के वाहन से मृतक का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा तो पति को इस तरह तिरंगे में लिपटा देखकर मृतक की पत्नी गोविंदी देवी बेसुध हो गई। मृतक के बच्चों का भी रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक जवान अपने पीछे दो बेटे और तीन बेटियों सहित पूरे परिवार को रोता-बिलखता छोड़ गए हैं। मृतक का एक भाई और बेटा भी सेना में रहकर देशसेवा कर रहे हैं। दोपहर बाद मृतक का अंतिम संस्कार सरयू गोमती के संगम पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया जहां मृतक के बड़े बेटे मुकेश और छोटे बेटे पवन ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी।

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