उत्तराखण्ड चमोली
Uttarakhand:थाईलैंड में गूंजा चमोली का नाम, मुन्नी देवी ने भारत को दिलाए दो स्वर्ण पदक
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थाईलैंड में चमोली की बेटी का जलवा, मुन्नी देवी ने दो स्वर्ण पदक जीतकर बढ़ाया देश का मान (World Powerlifting Championship)
उत्तराखंड के चमोली जिले की एक बेटी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी ताकत और प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए भारत का गौरव बढ़ाया है। पोखरी विकासखंड के किमोठा गांव निवासी मुन्नी देवी ने थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आयोजित वर्ल्ड पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं।
70 किलोग्राम वर्ग में दिखाया दमखम (Powerlifting Gold Medal)
12 से 14 जून तक आयोजित इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में मुन्नी देवी ने 70 किलोग्राम भार वर्ग में हिस्सा लिया। उन्होंने फुल पावर लिफ्टिंग और बेंच प्रेस दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन किया। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है।
18 देशों के खिलाड़ियों को छोड़ा पीछे (International Sports Event)
बैंकॉक में आयोजित इस चैंपियनशिप में दुनिया के 18 देशों से करीब 145 खिलाड़ियों ने भाग लिया था। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच मुन्नी देवी ने पाकिस्तान, थाईलैंड समेत कई देशों के प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली यह सफलता उनकी मेहनत, समर्पण और खेल के प्रति जुनून को दर्शाती है।
राष्ट्रीय स्तर पर भी बना चुकी हैं पहचान (National Champion)
33 वर्षीय मुन्नी देवी के लिए यह पहली बड़ी उपलब्धि नहीं है। इससे पहले भी वह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में तीन बार स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर उन्होंने पावर लिफ्टिंग की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है और अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारत का तिरंगा बुलंद किया है।
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क्षेत्र में खुशी की लहर, बधाइयों का तांता (Uttarakhand Pride)
मुन्नी देवी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे पोखरी क्षेत्र, चमोली जिले और उत्तराखंड में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और खेल प्रेमियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उनकी सफलता युवा खिलाड़ियों, विशेष रूप से बेटियों के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है।
चमोली की बेटी ने बढ़ाया उत्तराखंड का गौरव (Women Empowerment)
एक छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दो स्वर्ण पदक जीतना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। मुन्नी देवी ने साबित कर दिया है कि मजबूत इरादों और कठिन परिश्रम के दम पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनकी इस सफलता ने चमोली और उत्तराखंड का नाम वैश्विक खेल मंच पर रोशन कर दिया है।
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