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Train ticket mobile railway: रेलवे ने बदले नियम मोबाइल में टिकट दिखाने से नहीं कर पाएंगे ट्रेन में सफर
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Train ticket mobile railway changed rules, will not travel in train by showing ticket on mobile uttarakhand latest news today: रेलवे का सख्त फैसला: अब मोबाइल पर दिखाया गया अनारक्षित टिकट नहीं चलेगा, कागजी प्रति रखना होगा जरूरी
Train ticket mobile railway changed rules, will not travel in train by showing ticket on mobile uttarakhand latest news today: भारतीय रेल में सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद जरूरी खबर सामने आ रही है। दरअसल भारतीय रेलवे ने टिकट नियमों में बड़ा बदलाव किया है। बताया गया है कि अब यूटीएस, एटीवीएम या रेलवे काउंटर से जारी अनारक्षित टिकट को सिर्फ मोबाइल स्क्रीन पर दिखाना मान्य नहीं होगा। मतलब मोबाइल फोन पर टिकट दिखाकर अब आप यात्रा नहीं कर पाएंगे।
रेलवे ने यात्रियों को सफर के दौरान उस टिकट की आरिजनल भौतिक (कागजी) प्रति को अपने पास रखना अनिवार्य कर दिया है। हालांकि, यह नियम ई-टिकट और एम-टिकट पर लागू नहीं किया गया है। आपको बता दें कि रेलवे का यह कदम हाल ही में सामने आए एक हाई-टेक फर्जीवाड़े के बाद उठाया गया है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर टिकट से छेड़छाड़ की गई थी।
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AI की चालाकी: एक वैध टिकट पर 7 यात्रियों ने की एंट्री train ticket mobile railway news
बता दें कि फर्जीवाड़े का यह मामला जयपुर रूट पर उस समय सामने आया, जब टिकट जांच के दौरान कुछ छात्र मोबाइल फोन में टिकट दिखाकर ट्रेन में सफर कर रहे थे। पहली नजर में टिकट पूरी तरह असली लगा, उस पर क्यूआर कोड, यात्रा की जानकारी और किराया सब कुछ सही दर्ज था। लेकिन गहराई से जांच करने पर टीसी को गड़बड़ी का शक हुआ।
जांच में पता चला कि छात्रों ने AI टूल्स की मदद से एक ही अनारक्षित टिकट को डिजिटल रूप से एडिट कर उसमें सात यात्रियों के नाम जोड़ दिए थे। यानी एक टिकट के सहारे कई लोग यात्रा कर रहे थे। यह फर्जीवाड़ा इतना सटीक था कि सामान्य जांच में पकड़ में आना मुश्किल था।
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रेलवे सतर्क, सभी मंडलों में अलर्ट indian railway change mobile ticket rules
घटना सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन ने देशभर में सतर्कता बढ़ा दी है। झांसी-ग्वालियर इज्जतनगर मंडल सहित मध्य प्रदेश और अन्य सभी रेलवे मंडलों को अलर्ट जारी किया गया है। घटना को देखते हुए उत्तरी रेलवे भी अलर्ट मोड पर आ गया है।
अब टिकट जांच कर्मियों के मोबाइल और टैबलेट में विशेष टीटीई ऐप अनिवार्य रूप से इंस्टॉल किया जा रहा है, जिससे मौके पर ही टिकट की डिजिटल पुष्टि की जा सके। रेलवे के निर्देशों के मुताबिक, संदेह होने पर क्यूआर कोड स्कैन कर यूटीएस नंबर और कलर कोड का मिलान किया जाएगा। इससे तुरंत यह स्पष्ट हो सकेगा कि टिकट असली है या तकनीकी हेरफेर का नतीजा।
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क्यों जरूरी हुई कागजी टिकट की शर्त physical ticket necessary indian railway news
रेलवे अधिकारियों ने साफ किया है कि यूटीएस, एटीवीएम या काउंटर से मिलने वाला अनारक्षित टिकट यात्री के पास भौतिक रूप में होना चाहिए। केवल मोबाइल में दिखाई गई तस्वीर या स्क्रीनशॉट अब स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे AI या अन्य डिजिटल तरीकों से होने वाली धोखाधड़ी पर प्रभावी रोक लगेगी।
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दलालों की आशंका, तकनीक का उपयोग कर फंसा सकते हैं यात्रियों को uttarakhand train ticket news
रेलवे को यह भी आशंका है कि भविष्य में टिकट दलाल आधुनिक तकनीक का सहारा लेकर यात्रियों को ठगने की कोशिश कर सकते हैं। इसी वजह से जांच प्रक्रिया को तकनीकी रूप से मजबूत किया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी शुरुआती स्तर पर ही पकड़ में आ जाए। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले नियमों की जानकारी रखें और अनारक्षित टिकट की कागजी प्रति साथ लेकर ही सफर करें।
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