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Uttarakhand : Two wheeler ambulance will start in nainital by dm savin bansal.

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उत्तराखण्ड नैनीताल

उत्तराखंड के इस जिले में स्वास्थ्य विभाग टू-व्हीलर एंबुलेंस चलाने की कर रहा तैयारी

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उत्तराखंड : जिलाधिकारी सविन बंसल की नयी पहल के अंतर्गत अब नैनीताल जिले में सड़कों पर दोपहिया एम्बुलेंस वाहन (Two Wheeler Ambulance) दौड़ते आएंगे नजर

जीवनदायिनी 108, मोबाइल एम्बुलेंस, सचल‌ सेवा वाहन जैसी आकस्मिक एवं अभूतपूर्व चिकित्सा सेवाएं देने का बाद अब स्वास्थ्य विभाग टू-व्हीलर एंबुलेंस चलाने की तैयारी कर रहा है। सबसे पहले ट्रायल के रूप में राज्य(Uttarakhand ) के नैनीताल जिले में शुरू होने जा रही इस एम्बुलेंस सेवा से न केवल मरीजों तक अपेक्षाकृत जल्दी पहुंचेगी बल्कि तंग गलियों में भी मरीज के घर तक पहुंच सकेगी। जी हां.. अगर सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही हल्द्वानी सहित नैनीताल जिले की अन्य सड़कों पर दोपहिया एम्बुलेंस वाहन (Two Wheeler Ambulance) दौड़ते हुए नजर आएंगे। सबसे खास बात तो यह है कि स्वास्थ्य विभाग को यह बेहतरीन आईडिया जिले के मुखिया एवं स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर काफी सजग एवं इनोवेटिव रहने वाले जिलाधिकारी सविन बंसल ने सुझाया है। उन्होंने न केवल स्वास्थ्य विभाग को यह बेहतरीन आईडिया दिया बल्कि आरटीओ और एआरटीओ को सर्वे कराने के बाद इसके संचालन को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए।
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जिलाधिकारी ने जिले में एक ट्रामा सेन्टर खोलने के लिए आरटीओ को दिए स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखने के निर्देश, कहा सड़क को गड्ढामुक्त बनाने का काम प्राथमिकता से करें अधिकारी:-

प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते रोज कैंप कार्यालय में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्वास्थ्य विभाग को दोपहिया एम्बुलेंस चलाने के साथ ही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने/कमी करने आदि के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को भी क‌ई अहम सुझाव भी दिए। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को सड़क दुर्घटनाओं के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों का सर्वे कराने के निर्देश भी दिए ताकि ऐसे स्थलों का चिन्हिकरण कर वहां सड़क दुर्घटना को रोकने के लिए सुरक्षित कदम उठाए जाए। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के कार्य को प्राथमिकता से करने को भी कहा। इसके साथ ही उन्होंने आरटीओ से जिले में एक ट्रामा सेन्टर खोलने के लिए राज्य के स्वास्थ्य सचिव को एक पत्र लिखने के भी निर्देश दिए। बता दें कि बैठक में उपस्थित अधीक्षण अभियंता ओम प्रकाश ने जिलाधिकारी को बताया कि जिले में सड़क दुर्घटनाओं के 7 ब्लैक स्पॉट और 333 खतरनाक जगहें चिह्नित की हैं, जिनमें से 133 को अब तक दुर्घटना मुक्त कर लिया गया है।
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