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Nikita Bhatt of khatima Rudraprayag Accident
मृतक निकिता भट्ट, फोटो-सोशल मीडिया

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UTTARAKHAND ROAD ACCIDENT ऊधमसिंह नगर

रूद्रप्रयाग हादसे में खटीमा की निकिता भट्ट ने भी गंवाई जिंदगी, खबर सुनते ही बेसुध हुए परिजन

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Nikita Bhatt Rudraprayag Accident: नोएडा की प्राइवेट कंपनी में जॉब करती थी निकिता, उसी पर थी परिवार के भरण-पोषण की सारी जिम्मेदारी, दोस्तों के साथ घूमने जा रही थी चोपता, तभी हो गई यह भयावह दुर्घटना…

Nikita Bhatt Rudraprayag Accident
गौरतलब हो कि बीते शनिवार को रूद्रप्रयाग जिले के बदरीनाथ हाईवे पर रैंतोली के पास हुए भयावह सड़क हादसे में अभी तक 14 लोगों की मौत हो गई जबकि क‌ई अन्य अभी भी ऋषिकेश एम्स में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे। मृतकों में मूल रूप से उत्तराखण्ड के चम्पावत जिले की रहने वाली निकिता भट्ट भी शामिल हैं। उनकी मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मचा हुआ है। सूचना मिलते ही उनके परिजन रूद्रप्रयाग की ओर रवाना हो गए हैं। आपको बता दें कि वर्तमान में निकिता का परिवार राज्य के उधमसिंह नगर जिले के खटीमा तहसील क्षेत्र के कंजाबाग में रहता है। निकिता, नोएडा की एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करती थी और अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए रूद्रप्रयाग के चोपता जा रही थी। परंतु उन्हें क्या पता था कि उनका यह सफर जिंदगी का आखिरी सफर साबित हो जाएगा।
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Nikita Bhatt Khatima
अभी तक मिल रही जानकारी के मुताबिक मूल रूप से राज्य के चम्पावत जिले के पिपलाटी गांव निवासी निकिता भट्ट की बीते रोज रूद्रप्रयाग जिले में हुए भयावह सड़क हादसे में मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा उस समय घटित हुआ था जब नोएडा से 26 यात्रियों को लेकर एक टैम्पो ट्रेवलर रूद्रप्रयाग जिले के चोपता की ओर जा रहा था, इसी दौरान करीब 11 बजे जैसे ही वाहन रुद्रप्रयाग जिले से 5 किलोमीटर आगे बदरीनाथ हाईवे पर रैंतोली के पास पहुंचा तो तभी चालक को अचानक से नींद की एक झपकी लग गई जिसके चलते वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने पैराफिट को तोड़ते हुए 250 मीटर नीचे अलकनंदा नदी में समा गया था। हादसे में निकिता की मौत की खबर सुनते ही उनके परिजन बेसुध हो गए। बता दें कि उनके पिता सितारगंज की एक शुगर फैक्ट्री में काम करते थे। कंपनी बंद होने के बाद उन्होंने वीआरएस ले लिया था। तब से वह खटीमा के कंजाबाग स्थित अपने घर पर ही रहते थे। पिता के वीआरएस के बाद अब निकिता पर ही परिवार के सारे भरण पोषण की जिम्मेदारी थी। वह अपनी जिम्मेदारी का कुशलतापूर्वक निर्वहन भी कर रही थी लेकिन बीते रोज हुए हादसे में उनकी मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस दुखदाई समाचार को सुनकर जहां उनकी मां चंद्रा भट्ट का रो-रोकर बुरा हाल है वहीं बहन को खोने के बाद उनका छोटा भाई आशीष भी गुमशुम हो गया है। आशीष अभी पढ़ाई कर रहा है। उसकी पढ़ाई का खर्चा भी निकिता ही उठाती थी।

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