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Kanwar Mela 2026: All Dehradun Delhi Roadways Bus to Run via Expressway, Relief from Traffic Jams

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Uttarakhand News: कांवड़ मेले में देहरादून-दिल्ली की सभी रोडवेज बसें चलेंगी एक्सप्रेसवे से….

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कांवड़ मेले में देहरादून से दिल्ली जाने वाली सभी रोडवेज बसें एक्सप्रेसवे से चलेंगी, जाम से मिलेगी राहत

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कांवड़ मेले के दौरान देहरादून से दिल्ली का सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर आ रही है। कांवड़ यात्रा के दौरान सड़क पर बढ़ने वाले दबाव और जाम को देखते हुए उत्तराखंड परिवहन निगम ने देहरादून से दिल्ली के बीच संचालित होने वाली सभी रोडवेज बसों को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से चलाने की तैयारी की है। इससे यात्रियों को भीड़भाड़ वाले पारंपरिक मार्गों से बचाते हुए अपेक्षाकृत तेज और सुगम सफर मिल सकेगा।हालांकि, एक्सप्रेसवे से बसों का संचालन यात्रियों के लिए राहत लेकर आएगा, लेकिन इसका असर परिवहन निगम के राजस्व पर पड़ने की संभावना है। एक्सप्रेसवे पर बसों के लिए बीच रास्ते में निर्धारित स्टॉपेज नहीं होने के कारण साधारण बसों से मिलने वाली आय प्रभावित हो सकती है।

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अभी वॉल्वो और एसी बसें एक्सप्रेसवे से संचालित (Delhi-Dehradun Expressway news today)

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद से उत्तराखंड रोडवेज की वॉल्वो और एसी बसों का संचालन इसी मार्ग से किया जा रहा है। इन बसों से देहरादून से दिल्ली का सफर करीब साढ़े तीन घंटे में पूरा हो रहा है। वहीं, साधारण यानी ऑर्डिनरी बसों को फिलहाल पुराने रूट से दिल्ली भेजा जा रहा है। ये बसें बिहारीगढ़, छुटमलपुर, रुड़की, पुरकाजी, मुजफ्फरनगर, मेरठ और मोहन नगर होते हुए दिल्ली आईएसबीटी तथा आनंद विहार तक पहुंचती हैं।

कांवड़ मेले में सभी बसें एक्सप्रेसवे से जाएंगी (uttarakhand Kanwar Mela Traffic plan)

कांवड़ मेले के दौरान दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है। कांवड़ यात्रियों की भारी भीड़ के चलते कई प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहती है। ऐसे में साधारण बसों को भी दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से संचालित करने का निर्णय यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे रोडवेज बसों को भीड़भाड़ वाले सामान्य मार्गों से बचाकर दिल्ली पहुंचाने में मदद मिलेगी और यात्रियों को जाम में फंसने से राहत मिलने की उम्मीद है। ग्रामीण डिपो के सहायक महाप्रबंधक प्रतीक जैन ने बताया कि कांवड़ मेले के दौरान साधारण बसों का संचालन भी एक्सप्रेसवे से किया जाना है। देहरादून आईएसबीटी से दिल्ली के लिए प्रतिदिन करीब 95 बसें संचालित होती हैं। इनमें वॉल्वो, एसी और ऑर्डिनरी बसें शामिल हैं।

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एक्सप्रेसवे से संचालन का रोडवेज की कमाई पर पड़ेगा असर (uttarakhand Roadways Revenue)

साधारण बसों को सामान्य रूट से संचालित करने पर परिवहन निगम को रास्ते में अलग-अलग स्थानों से यात्रियों के चढ़ने-उतरने के कारण अच्छी आय प्राप्त होती है। इसके विपरीत दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बीच रास्ते में बसों के लिए स्टॉपेज नहीं हैं। ऐसे में एक्सप्रेसवे से साधारण बसों के संचालन पर यात्रियों की संख्या और टिकट से होने वाली आय में कमी आने की आशंका है। वहीं, वॉल्वो और एसी बसों के मामले में स्थिति अलग है। इन बसों में यात्रियों की संख्या कम या अधिक होने से निगम की आय पर सीधा प्रभाव नहीं पड़ता, क्योंकि इनका भुगतान किलोमीटर के आधार पर किया जाता है।

आर्थिक दबाव से जूझ रहा परिवहन निगम, कर्मचारियों के वेतन पर भी असर (Uttarakhand Roadways news today)

उत्तराखंड परिवहन निगम पहले से ही आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है। निगम पर करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी बताई जा रही है। कोष की स्थिति सुधारने और आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक वित्तीय स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है। आर्थिक संकट का असर कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर भी पड़ रहा है और उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में कांवड़ मेले के दौरान सभी बसों को एक्सप्रेसवे से चलाने का फैसला जहां यात्रियों के लिए जाम से राहत देने वाला है, वहीं राजस्व के मोर्चे पर परिवहन निगम के लिए नई चुनौती भी खड़ी कर सकता है।

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