Connect with us
alt=" UPSC result Uttarakhand shweta Nagarkoti qualified UPSC civil service exam"

Home / उत्तराखण्ड / उतराखण्ड: लमगड़ा की श्‍वेता ने कड़ी मेहनत और संघर्ष से यूपीएससी परीक्षा की उतीर्ण बनीं आईएएस

उत्तराखण्ड UPSC CIVIL SERVICES EXAM RESULT

उतराखण्ड: लमगड़ा की श्‍वेता ने कड़ी मेहनत और संघर्ष से यूपीएससी परीक्षा की उतीर्ण बनीं आईएएस

1 min read

UPSC RESULT UTTARAKHAND: पहले प्रयास में नहीं मिली सफलता तो हार नहीं मानी और कड़ी मेहनत कर दूसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर हासिल किया आईएएस का मुकाम

“सीढ़ियां उन्हे मुबारक हो जिन्हे छत तक जाना है; मेरी मंज़िल तो आसमान है रास्ता मुझे खुद बनाना है”
ये चंद पंक्तियाँ एकदम सटीक बैठती अल्मोड़ा जिले के लमगड़ा की होनहार बेटी श्‍वेता नगरकोटी  पर जिन्होने अपने बुलंद होसलो और संघर्ष से सिविल सेवा परीक्षा उतीर्ण कर आईएएस का मुकाम हासिल किया। श्‍वेता यूपीएससी परीक्षा में 410वां रैंकिंग हासिल कर आईएएस अधिकारी बनी है। श्‍वेता की इस सफलता से जहां परिजनों में खुशी का माहौल है, वहीं नाते रिश्तेदारों और मित्रों से उन्हें बधाई संदेश का तांता लगा हुआ है। बताते चलें कि श्‍वेता ने इंटरमीडिएट की परीक्षा गाजियाबाद से उतीर्ण की उसके पश्चात बीएससी बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के बाद यूपीएससी के लिए कड़ी मेहनत की लेकिन जब पहले प्रयास में असफलता मिली तो उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और फिर से कड़ी मेहनत कर दूसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर आईएएस का मुकाम हासिल कर लिया। स्वेता के पिता निजी कंपनी में कार्यरत है और माता ग्रहणी है श्‍वेता के छोटे भाई सौरव ने इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण कर अभी आईआईटी का प्रथम चरण भी उत्तीर्ण कर लिया है।
यह भी पढ़ें- उत्तराखण्ड: अपनी कड़ी मेहनत से ज्योति ने आईएसएस परीक्षा में हासिल की देश में 11वीं रैंक

श्‍वेता की इंटरमीडिएट की पढ़ाई के दौरान छूट गई पिता की नौकरी फिर भी अडिग रही अपने बुलंद हौसलों पर

श्‍वेता जब बारहवीं में पढ़ती थी तब उनके पिता गाजियाबाद के एक इलेक्ट्रॉनिक फैक्ट्री में काम करते थे जहाँ नौकरी छूटने पर उन्होंने हल्द्वानी डहरिया में परचून की दुकान शुरू की जो ज्यादा चली नहीं तो वो फिर से परिवार के साथ गाजियाबाद आ गए और यही अपना काम शुरू किया। लेकिन उन्होंने इन विपरीत परिस्थितियों में भी बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होने दी जिसका सकारात्मक परिणाम ही है की आज उनकी बेटी ने आईएएस का सफर तय कर लिया।  श्‍वेता भी अपनी सफलता का श्रेय माता पिता को देती हैं जिन्होंने कदम कदम पर उन्हें प्रोत्साहित किया और कभी पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आने दी। श्‍वेता देवभूमि दर्शन से अपनी सफलता के विषय में कहती है की ” उन अभावो का ही प्रभाव है जो आज वो इस मुकाम पर है वो कहती है हमेसा संघर्ष करते रहना चाहिए मंजिल एक दिन जरूर मिलती है।
यह भी पढ़ें-उत्तराखण्ड:- पिता है पहाड़ में किसान, बेटी प्रियंका ने सेल्फ स्टडी से पास की यूपीएससी की परीक्षा

Continue Reading

More in उत्तराखण्ड

To Top