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Jaspal rana uttarakhand: नहीं रहा उत्तराखण्ड का गौरव शूटिंग कोच जसपाल राणा का निधन
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Uttarakhand breaking news: Jaspal Rana died shooting coach jaspal rana indian shooter jaspal rana uttarakhand breaking news today उत्तराखंड ने खोया अपना गौरव, निशानेबाजी जगत के स्तंभ जसपाल राणा के निधन से खेल जगत में शोक की लहर
Uttarakhand breaking news: indian shooter jaspal rana died shooting coach jaspal rana passed away tehri dehradun live update: समूचे उत्तराखण्ड के लिए एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। देश की निशानेबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले और उत्तराखंड का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन करने वाले दिग्गज निशानेबाज एवं कोच जसपाल राणा का निधन हो गया है। उन्होंने 49 वर्ष की उम्र में शुक्रवार को अंतिम सांस ली। उनके असामयिक निधन की खबर से पूरे खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके जाने से न केवल उत्तराखंड बल्कि भारतीय खेल जगत ने भी एक ऐसी शख्सियत खो दी है, जिसने तीन दशक से अधिक समय तक खिलाड़ियों को प्रेरित करने और देश को गौरवान्वित करने का काम किया।
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म्यूनिख से लौटने के बाद बिगड़ी तबीयत (ISSF World Cup)
अभी तक मिल रही जानकारी के अनुसार जसपाल राणा हाल ही में जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप में भारतीय दल के साथ मौजूद थे। वह भारतीय पिस्टल निशानेबाजों के हाई-परफॉर्मेंस कोच के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। बताया जा रहा है कि भारत लौटते समय फ्लाइट में ही उन्हें असहजता महसूस होने लगी थी। नई दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें तत्काल साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा था। बाद में उनके निधन की खबर सामने आई, जिससे खेल जगत स्तब्ध रह गया।
उत्तराखंड की धरती से निकला विश्वस्तरीय खिलाड़ी (jaspal rana Shooting Legend uttarakhand)
मूल रूप से उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में जन्मे जसपाल राणा ने बेहद कम उम्र में निशानेबाजी की दुनिया में अपनी पहचान बना ली थी। अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अनेक पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया। एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई चैंपियनशिप में उनके नाम कई उपलब्धियां दर्ज हैं। उन्हें देश के सबसे सफल पिस्टल निशानेबाजों में गिना जाता है।
खिलाड़ियों की नई पीढ़ी गढ़ने में निभाई अहम भूमिका ( jaspal rana High Performance Coach)
एक खिलाड़ी के रूप में शानदार करियर के बाद जसपाल राणा ने कोचिंग की जिम्मेदारी संभाली और देश को कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी दिए। देहरादून के मझोन स्थित उनकी शूटिंग रेंज प्रतिभाओं को तराशने का महत्वपूर्ण केंद्र बन गई।
ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर समेत कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजों को तैयार करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके मार्गदर्शन में भारतीय निशानेबाजी ने वैश्विक मंच पर लगातार नई उपलब्धियां हासिल कीं।
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द्रोणाचार्य पुरस्कार से हुआ सम्मानित (jaspal rana Dronacharya Award)
खेल और खिलाड़ियों के विकास में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2020 में उन्हें प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया था। यह सम्मान उनके समर्पण, अनुशासन और खेल के प्रति असाधारण योगदान की पहचान था। फरवरी 2025 में नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने उन्हें 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा के लिए आधिकारिक तौर पर हाई-परफॉर्मेंस कोच नियुक्त किया था।
भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति (jaspal rana shooting uttarakhand breaking news)
जसपाल राणा का जीवन केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने भारतीय निशानेबाजी को नई पहचान दिलाने के साथ-साथ हजारों युवाओं को इस खेल की ओर आकर्षित किया। उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी। उनके निधन से उत्तराखंड ने अपना एक गौरवशाली बेटा खो दिया है, जबकि भारतीय खेल जगत ने एक ऐसे मार्गदर्शक को अलविदा कहा है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
