Tehri Garhwal UTTARAKHAND NEWS
Uttarakhand news: केतन लाल हत्याकांड मामले में पीड़ित परिवार से मिले चंद्रशेखर आजाद…
1 min read
Tehri Garhwal: Chandrashekhar Azad Meets Ketan Lal’s Family in Uttarakhand, Demands CBI Probe and Strict Action तीन दिन बाद पीड़ित परिवार से मिले चंद्रशेखर आजाद, बारिश में पैदल चलकर पहुंचे देवल गांव
Tehri Garhwal: Chandrashekhar Azad Meets Ketan Lal’s Family in Uttarakhand, Demands CBI Probe and Strict Action उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के प्रतापनगर स्थित देवल गांव में हुए चर्चित केतन लाल हत्याकांड को लेकर आखिरकार भीम आर्मी के संस्थापक, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की नगीना लोकसभा सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद तीन दिन की कोशिशों के बाद पीड़ित परिवार से मुलाकात करने में सफल रहे। रास्ते में कई स्थानों पर पुलिस द्वारा रोके जाने और भारी बारिश के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अंततः देवल गांव पहुंचकर शोकाकुल परिवार से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव सहयोग का भरोसा भी दिया।
यह भी पढ़े :Uttarakhand: देवप्रयाग में ऋषिकेश बदरीनाथ हाईवे पर बस और बुलेट की भीषण टक्कर
हरिद्वार से नरेंद्रनगर तक पुलिस ने रोका, फिर पैदल निकले आगे (ketal lal murder case Tehri Garhwal)
दरअसल, चंद्रशेखर आजाद का कार्यक्रम 28 जून को ही देवल गांव पहुंचने का था, लेकिन उस समय पुलिस और पैरामिलिट्री बल ने उन्हें हरिद्वार में रोक दिया था और 30 जून को मुलाकात कराने का आश्वासन दिया था। मंगलवार को भी उन्हें पहले हरिद्वार और फिर टिहरी जिले की सीमा में प्रवेश करते ही ऋषिकेश-चंबा हाईवे पर भद्रकाली तिराहे और नरेंद्रनगर चुंगी बाईपास पर रोक दिया गया। पुलिस चाहती थी कि सीमित संख्या में लोग ही पीड़ित परिवार से मिलने जाएं, जबकि चंद्रशेखर अपने पांच वाहनों के काफिले के साथ जाना चाहते थे। इसी बात को लेकर पुलिस प्रशासन और उनके बीच तीखी नोकझोंक हुई।
भारी बारिश में तीन किलोमीटर पैदल चले सांसद (Chandrashekhar Azad Protest)
पुलिस के रवैये से नाराज चंद्रशेखर आजाद ने वाहन छोड़ दिए और तेज बारिश के बीच करीब तीन किलोमीटर तक हिंडोलाखाल की ओर पैदल चल पड़े। बाद में अपर पुलिस अधीक्षक दीपक सिंह के समझाने-बुझाने के बाद सहमति बनी और उन्हें दो वाहनों के साथ पुलिस सुरक्षा में प्रतापनगर के देवल गांव जाने की अनुमति दी गई।
परिवार से मिलकर भावुक हुए चंद्रशेखर आजाद (Ketan Lal Murder Case)
देवल गांव पहुंचने पर चंद्रशेखर आजाद ने मृतक केतन लाल के पिता धनपाल लाल, माता रुकमा देवी, बहनों और दादा-दादी से मुलाकात की। बेटे को खोने का दर्द बयां करते हुए पूरा परिवार फूट-फूटकर रो पड़ा। परिजनों की आपबीती सुनकर चंद्रशेखर आजाद भी भावुक हो गए और उनकी आंखें नम हो गईं। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि वे हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहेंगे और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।
जांच अधिकारियों से भी की चर्चा, उठाईं कई मांगें (Justice for Ketan Lal)
मुलाकात के बाद सांसद ने मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों से बंद कमरे में बातचीत कर अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कानून की कार्रवाई जाति या धर्म देखकर नहीं होनी चाहिए और संविधान की शपथ लेने वाले सभी अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को निष्पक्ष होकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने, परिवार को सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करने, मामले की जांच सीबीआई को सौंपने, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराने, परिवार को कृषि योग्य भूमि उपलब्ध कराने तथा एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठाई। साथ ही उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में हो रहे दुर्व्यवहार के मुद्दे को वे लोकसभा में भी उठाएंगे।
यह भी पढ़े :Uttarakhand Smart Meter : पिथौरागढ़ में स्मार्ट मीटर नहीं लगवाया तो काटा बिजली कनेक्शन
क्या है केतन लाल हत्याकांड? (Ketan Lal Case)
प्रतापनगर के देवल गांव निवासी 17 वर्षीय केतन लाल की 8 जून को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौंड में मौत हो गई थी। आरोप है कि खोलगढ़ वल्ला गांव की एक नाबालिग युवती से प्रेम संबंध होने के कारण 7 जून की रात उसे देवल गांव से खोलगढ़ बुलाया गया, जहां केतन लाल और उसके साथ मौजूद दिवाकर डिमरी को एक कमरे में बंद कर बेरहमी से पीटा गया। गंभीर रूप से घायल केतन की बाद में मौत हो गई। इस मामले में पुलिस चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जांच के दौरान ऐसे तीन-चार वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें केतन लाल अपनी आपबीती और पूरी घटना का जिक्र करता दिखाई देता है। मामले की जांच फिलहाल जारी है और पीड़ित परिवार लगातार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।
