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Uttarakhand BSF soldier Pradeep dafouti funeral in bageshwar

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उत्तराखण्ड बागेश्वर

राजस्थान में तैनात उत्तराखंड के बीएसएफ जवान का निधन, पहाड़ में सैन्य सम्मान से हुई अंत्येष्टि

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BSF soldier: राजस्थान में तैनात राज्य के वीर सपूत प्रदीप (Pradeep dafouti) का अकस्मात निधन, पैतृक गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार..

राजस्थान के बाड़मेर में तैनात बीएसएफ के जवान (BSF soldier) प्रदीप सिंह दफौटी (Pradeep dafouti) आज पंचतत्व में विलीन हो गए। बता दें कि बीएसएफ जवान प्रदीप का बीते रविवार को ड्यूटी के दौरान अचानक निधन हो गया था। मृतक जवान का पार्थिव शरीर बीते सोमवार की रात सड़क मार्ग से उनके पैतृक गांव पहुंचा। पार्थिव शरीर के घर पहुंचते ही परिवार में मातम पसर गया। परिजनों को दुःख अश्रुओं के रूप में बाहर आने लगा। परिजनों के विलाप से पूरे क्षेत्र में भावविभोर कर देने वाली रोने-बिलखने की आवाज गूंजने लगी जिसे सुनकर आस-पास के लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। मंगलवार सुबह से ही मृतक जवान के अंतिम दर्शनों के लिए भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। परिवारिक जनों और अन्य ग्रामीणों के अंतिम दर्शनों के बाद मृतक जवान का अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ सरयू-गोमती संगम तट पर स्थित पैतृक घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया जहां मृतक के चचेरे भाई रमेश सिंह  ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी। क्षेत्रवासियों ने बड़ी संख्या में मृतक की अंतिम यात्रा में शामिल मां भारती के इस वीर सपूत को नम आंखों से भावभीनी विदाई दी।
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तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, मृतक के पिता भी है बीएस‌एफ से रिटायर्ड:-

प्राप्त जानकारी के अनुसार मूल रूप से राज्य के बागेश्वर जिले के दफौट क्षेत्र के नायल गांव का जवान प्रदीप सिंह दफौटी बीएसएफ में तैनात थे। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग राजस्थान के बाड़मेर में थी। बताया गया है कि प्रदीप का बीते रविवार को ड्यूटी के दौरान अचानक निधन हो गया। मौत के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। जवान की अकस्मात मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया। सोमवार रात को जैसे ही प्रदीप के साथी उसके पार्थिव शरीर को लेकर पैतृक गांव पहुंचे तो गांव में मातम पसर गया। जवान बेटे को तिरंगे में लिपटा देखकर जहां प्रदीप के पिता मोहन सिंह दफौटी की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे वहीं मृतक प्रदीप की पत्नी, तीन बच्चे और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव के अन्य लोगों ने इस दुःख की घडी में ढांढस बंधाने की कोशिश की परंतु मासूम बच्चों को रोते-बिलखते देखकर उनकी आंखों से भी अश्रुओं की धारा बहने लगी। बता दें कि मृतक के पिता मोहन सिंह भी बीए‌स‌एफ से रिटायर्ड है। परिजनों के अंतिम दर्शनों के बाद मंगलवार सुबह गांव से जवान की अंतिम यात्रा निकाली गई। इस दौरान क्षेत्र के पूर्व विधायक शेर सिंह गढ़िया और पैरा मिलिट्री फोर्स के जिलाध्यक्ष मोहन सिंह कपकोटी ने भी अंतिम संस्कार में शामिल होकर मृतक जवान को श्रृद्धांजलि अर्पित की।

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